{"_id":"69c03b34987f31739c003804","slug":"the-matter-of-construction-of-jakhal-underpass-has-reached-the-pmo-and-vigilance-commission-investigation-will-be-done-fatehabad-news-c-127-1-ftb1010-150657-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जाखल अंडरपास निर्माण का मामला पीएमओ और सतर्कता आयोग तक पहुंचा, होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जाखल अंडरपास निर्माण का मामला पीएमओ और सतर्कता आयोग तक पहुंचा, होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
जाखल में निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास। स्त्रोत : संवाद
विज्ञापन
जाखल। रेलवे लाइन के नीचे बन रहे अंडरपास का अधूरा निर्माण का मुद्दा अब प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग तक पहुंच गया है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इसकी शिकायत की थी।
यह अंडरपास वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक सुभाष बराला ने शुरू कराया था। करीब नौ वर्ष बीतने के बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। लंबे समय से लटके इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इसी वर्ष फरवरी माह में रेल मंत्रालय को शिकायत भेजी गई थी जिसमें निर्माण कार्य में देरी और बढ़ते खर्च पर जांच की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि अब तक इस परियोजना पर 15 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है, फिर भी काम अधूरा है।
-- -- -- -- -- -
शहर व गांव से जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग
इस अंडरपास से शहर से जाखल खंड के गांव तलवाड़ा, तलवाडी, साधनवास, सिधानी, म्योंद, कासिमपुर सहित अन्य गांव में जाने में आसानी है। इस अंडरपास के बाधित होने पर लोगों को डेढ़ किलोमीटर अधिक रास्ते की दूरी तय कर शहर आना पड़ता है। इस अंडरपास में अब तक लाइट की व्यवस्था तक नहीं है। रेलवे द्वारा लाइट लगाने की बात नगर पालिका प्रशासन पर छोड़ी जा रही है। वहीं नपा प्रशासन का कहना है कि लाइट लगवाने के कार्य रेलवे के अधीन है और उसकी देखरेख का काम उनके अधीन रहेगा।
Trending Videos
यह अंडरपास वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक सुभाष बराला ने शुरू कराया था। करीब नौ वर्ष बीतने के बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। लंबे समय से लटके इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इसी वर्ष फरवरी माह में रेल मंत्रालय को शिकायत भेजी गई थी जिसमें निर्माण कार्य में देरी और बढ़ते खर्च पर जांच की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि अब तक इस परियोजना पर 15 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है, फिर भी काम अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर व गांव से जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग
इस अंडरपास से शहर से जाखल खंड के गांव तलवाड़ा, तलवाडी, साधनवास, सिधानी, म्योंद, कासिमपुर सहित अन्य गांव में जाने में आसानी है। इस अंडरपास के बाधित होने पर लोगों को डेढ़ किलोमीटर अधिक रास्ते की दूरी तय कर शहर आना पड़ता है। इस अंडरपास में अब तक लाइट की व्यवस्था तक नहीं है। रेलवे द्वारा लाइट लगाने की बात नगर पालिका प्रशासन पर छोड़ी जा रही है। वहीं नपा प्रशासन का कहना है कि लाइट लगवाने के कार्य रेलवे के अधीन है और उसकी देखरेख का काम उनके अधीन रहेगा।