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Women's Day 2026: महिलाओं के सशक्तिकरण में मिसाल बनने की ओर बढ़ रहा हरियाणा, इस विभाग में बढ़ेगी हिस्सेदारी

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 08 Mar 2026 12:44 PM IST
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सार

हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी।

Haryana is moving towards becoming an example in women's empowerment, share will increase in this department
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

महिलाओं के सशक्तिकरण में हरियाणा देश में एक मिसाल के तौर पर बनने जा रहा है। हरियाणा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट 2047 में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 19 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में यह भागीदारी केवल 19 फीसदी है, जो एक बहुत ही कम आंकड़ा है। इस लक्ष्य के जरिए सरकार न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का इरादा रखती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।

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समृद्ध हरियाणा के लिए महिलाओं का साक्षर होना सबसे जरूरी है। इस दिशा में भी हरियाणा सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की वर्तमान महिला साक्षरता दर 65.94 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं के ज्ञान का स्तर बढ़ेगा, बल्कि उनकी समाज में स्थिति भी बेहतर होगी। शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन को सशक्त बना सकेंगी और समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगी।

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हर विभाग महिलाओं के लिए अलग से तैयार करेगा बजट

यह देश में पहली बार होगा कि कोई प्रदेश महिलाओं के लिए हर विभाग में अलग से बजट से तैयार करें। हरियाणा सरकार ने अगली वित्तीय वर्ष से अपने बजट को जेंडर-बेस्ड बनाने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि सभी विभागों को अपने बजट का एक निश्चित हिस्सा महिलाओं के कल्याण के लिए आरक्षित करना होगा। यह कदम महिलाओं के लिए बेहतर योजनाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य का लक्ष्य है कि महिलाओं की औसत आयु को 75 साल से बढ़ाकर 80 साल किया जाए। इसके लिए सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार होगा, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी बेहतर तरीके से सराहा जाएगा।

महिलाओं के स्टार्टअप से बदली तस्वीर

चंडीगढ़। हरियाणा में बीते चार वर्षों के दौरान महिला उद्यमिता ने नई रफ्तार पकड़ी है। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब आधे से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को आने वाले समय में 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। प्रदेश में इस समय 9,100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी कंपनियों की है, जिन्हें महिलाओं ने शुरू किया है या जिनका संचालन महिलाओं के हाथ में है। कृषि-टेक, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की सक्रियता ने रोजगार और नवाचार को नई दिशा दी है।

महिला उद्यमी के लिए ये योजनाएं चल रही हैं

महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर और आईटी पार्कों में महिला संस्थापकों को किराए पर 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हो सके। सरकार की ओर से मेंटॉरशिप, तकनीकी सहायता और फंडिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नए उद्यम तेजी से विकसित हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे निकलकर टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार में भी कदम रख रही हैं।

पुलिस में महिलाओं की बढ़ेगी हिस्सेदारी

हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी, जिसके लिए सरकार शीघ्र ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। सरकार पुलिस विभाग में करीब 6,000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इन भर्तियों में कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल होंगे। नए नियम के तहत लगभग 1,250 पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जिससे पुलिस बल में उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

सरकार का मानना है कि पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ने से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के निपटारे में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ढांचे का विस्तार भी किया जा रहा है। प्रदेश में 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में हरियाणा में 33 महिला पुलिस थाने कार्यरत हैं, जहां महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।

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