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Hisar News: 849 सरकारी स्कूलों को 9 अप्रैल तक खर्च करनी होगी खेल ग्रांट
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हिसार। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 14,019 सरकारी स्कूलों को खेल सामग्री खरीदने के लिए 12 करोड़ 83 लाख 70 हजार रुपये की ग्रांट जारी की है। इसका उद्देश्य स्कूलों में खेल संसाधनों को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हिसार जिले के 849 स्कूलों को 85.40 लाख रुपये की ग्रांट मिली है।
मंगलवार को लघु सचिवालय की आवासीय कॉलोनी में स्थित डीपीसी कार्यालय में डीपीसी विजेंद्र ने जिला परियोजना समन्वयकों और स्कूल प्रमुखों संग बैठक की और कहा कि तय समय सीमा के भीतर खेल सामान की खरीद प्रक्रिया पूरी करें। खेल ग्रांट सभी स्कूलों को जारी की जा चुकी है और खरीद प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही पूरी की जाएगी। इसके लिए 9 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है।
प्रत्येक स्कूल में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की देखरेख में एक कमेटी गठित की गई है जिसमें एसएमसी चेयरपर्सन, स्कूल मुखिया, स्थानीय प्रतिनिधि और खेल शिक्षक शामिल होंगे। कमेटी जरूरत के अनुसार खेल सामग्री का चयन कर खरीद सुनिश्चित करेगी। स्कूलों को उनकी श्रेणी के अनुसार राशि दी गई है। प्राथमिक स्कूलों को 5 हजार रुपये, मिडिल स्कूलों को 10 हजार रुपये और हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को 20 हजार रुपये प्रति स्कूल।
डीपीसी ने जिला परियोजना समन्वयकों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर खरीद प्रक्रिया पूरी करें और खर्च से संबंधित सभी बिल, वाउचर व उपयोग प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें ताकि पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समय में राशि का उपयोग न करने पर भविष्य की ग्रांट प्रभावित हो सकती है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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मंगलवार को लघु सचिवालय की आवासीय कॉलोनी में स्थित डीपीसी कार्यालय में डीपीसी विजेंद्र ने जिला परियोजना समन्वयकों और स्कूल प्रमुखों संग बैठक की और कहा कि तय समय सीमा के भीतर खेल सामान की खरीद प्रक्रिया पूरी करें। खेल ग्रांट सभी स्कूलों को जारी की जा चुकी है और खरीद प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही पूरी की जाएगी। इसके लिए 9 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है।
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प्रत्येक स्कूल में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की देखरेख में एक कमेटी गठित की गई है जिसमें एसएमसी चेयरपर्सन, स्कूल मुखिया, स्थानीय प्रतिनिधि और खेल शिक्षक शामिल होंगे। कमेटी जरूरत के अनुसार खेल सामग्री का चयन कर खरीद सुनिश्चित करेगी। स्कूलों को उनकी श्रेणी के अनुसार राशि दी गई है। प्राथमिक स्कूलों को 5 हजार रुपये, मिडिल स्कूलों को 10 हजार रुपये और हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को 20 हजार रुपये प्रति स्कूल।
डीपीसी ने जिला परियोजना समन्वयकों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर खरीद प्रक्रिया पूरी करें और खर्च से संबंधित सभी बिल, वाउचर व उपयोग प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें ताकि पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समय में राशि का उपयोग न करने पर भविष्य की ग्रांट प्रभावित हो सकती है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।