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Hisar News: 12.38 लाख लोगों की बनी आभा आईडी, 7.13 लाख की बाकी
Sun, 02 Aug 2026 08:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 02 Aug 2026 08:39 PM IST
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- स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश, अल्ट्रासाउंड व लैब संचालकों को भी बनानी होंगी आईडी
- अल्ट्रासाउंड सेंटरों को निर्देश-आईडी बनाने के बाद ही किया जाए मरीजों का अल्ट्रासाउंड
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ ) आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अभी तक करीब 12.38 लाख लोगों की आभा आईडी बनाई गई है जबकि अभी 7.13 लाख लोगों की आईडी बननी बाकी है।
अभी तक आभा आईडी बनाने का काम सरकारी व निजी अस्पतालों में होता था लेकिन अब अल्ट्रासाउंड व लैब संचालकों को भी उनके यहां आने वाले मरीजों की आईडी बनानी होगी। अल्ट्रासाउंड संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले मरीज की आईडी बनाई जाए। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाए।
आयुष्मान पैनल से बाहर के अस्पतालों को भी करवाना होगा पंजीकरण
इसमें अभी तक सभी सरकारी व आयुष्मान के पैनल में शामिल अस्पतालों को ही पंजीकरण किया जा रहा था लेकिन अब आयुष्मान पैनल से बाहर के निजी अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस पंजीकरण के बाद ही मरीज यह पता लगा सकेंगे कि किस अस्पताल में आभा आईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी किया जा रहा है पंजीकरण
इसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों का पंजीकरण भी किया जा रहा है ताकि वह आभा आईडी पर मरीजों की हेल्थ हिस्ट्री देख सकें। इसमें चिकित्सकों के अलावा जीएनएम, एएनएम व फार्मासिस्ट का पंजीकरण किया जा रहा है। यह कार्य धीमी गति से चल रहा है तो इस कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के मरीजों की भी ये आईडी बनाने को कहा गया है।
खुद भी बना सकते हैं आभा आईडी
आभा आईडी बनाना बेहद आसान और पूरी तरह मुफ्त है। इसे आप घर बैठे अपने मोबाइल से बना सकते हैं। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट healthid.ndhm.gov.in पर जाएं या आभा एप डाउनलोड करें। 'क्रिएट आभा नंबर' के विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार कार्ड नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस दर्ज करें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को सबमिट करें। ओटीपी वेरिफाई होते ही आपकी 14 अंकों की आभा आईडी स्क्रीन पर आ जाएगी जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
वर्जन
आभा आईडी 14 अंकों की एक डिजिटल पहचान है। इसका सीधा संबंध आपकी सेहत और मेडिकल हिस्ट्री से होता है। आईडी के कार्य को तेजी से करने से निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इस आईडी के बनने से चिकित्सकों व मरीजों को फायदा होगा।
डॉ. अनामिका बिश्नोई, डिप्टी सिविल सर्जन
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- अल्ट्रासाउंड सेंटरों को निर्देश-आईडी बनाने के बाद ही किया जाए मरीजों का अल्ट्रासाउंड
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ ) आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अभी तक करीब 12.38 लाख लोगों की आभा आईडी बनाई गई है जबकि अभी 7.13 लाख लोगों की आईडी बननी बाकी है।
अभी तक आभा आईडी बनाने का काम सरकारी व निजी अस्पतालों में होता था लेकिन अब अल्ट्रासाउंड व लैब संचालकों को भी उनके यहां आने वाले मरीजों की आईडी बनानी होगी। अल्ट्रासाउंड संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले मरीज की आईडी बनाई जाए। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाए।
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आयुष्मान पैनल से बाहर के अस्पतालों को भी करवाना होगा पंजीकरण
इसमें अभी तक सभी सरकारी व आयुष्मान के पैनल में शामिल अस्पतालों को ही पंजीकरण किया जा रहा था लेकिन अब आयुष्मान पैनल से बाहर के निजी अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस पंजीकरण के बाद ही मरीज यह पता लगा सकेंगे कि किस अस्पताल में आभा आईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी किया जा रहा है पंजीकरण
इसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों का पंजीकरण भी किया जा रहा है ताकि वह आभा आईडी पर मरीजों की हेल्थ हिस्ट्री देख सकें। इसमें चिकित्सकों के अलावा जीएनएम, एएनएम व फार्मासिस्ट का पंजीकरण किया जा रहा है। यह कार्य धीमी गति से चल रहा है तो इस कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के मरीजों की भी ये आईडी बनाने को कहा गया है।
खुद भी बना सकते हैं आभा आईडी
आभा आईडी बनाना बेहद आसान और पूरी तरह मुफ्त है। इसे आप घर बैठे अपने मोबाइल से बना सकते हैं। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट healthid.ndhm.gov.in पर जाएं या आभा एप डाउनलोड करें। 'क्रिएट आभा नंबर' के विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार कार्ड नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस दर्ज करें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को सबमिट करें। ओटीपी वेरिफाई होते ही आपकी 14 अंकों की आभा आईडी स्क्रीन पर आ जाएगी जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
वर्जन
आभा आईडी 14 अंकों की एक डिजिटल पहचान है। इसका सीधा संबंध आपकी सेहत और मेडिकल हिस्ट्री से होता है। आईडी के कार्य को तेजी से करने से निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इस आईडी के बनने से चिकित्सकों व मरीजों को फायदा होगा।
डॉ. अनामिका बिश्नोई, डिप्टी सिविल सर्जन