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Hisar News: जिला बनने के बाद तेजी के साथ बढ़ा जमीन का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:19 AM IST
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हांसी। प्रदेश का 23वां जिला घोषित किए जाने के बाद से जमीन खरीद फरोख्त बेचने का कार्य बढ़ गया है। नगर परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) की फाइलों में भी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2025 में जिला बनने की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद शहर के प्रॉपर्टी बाजार में आई तेजी और प्रशासनिक बदलावों के कारण यह स्थिति बनी है। प्रतिदिन करीब 15 फाइलें नगर परिषद कार्यालय में आ रही हैं।
पहले दस से कम फाइलें आती थी। जनवरी महीने में 450 से अधिक फाइलें नगर परिषद कार्यालय में आई हैं। वहीं, नगर परिषद के दो कर्मचारियों की नियुक्ति डीसी कार्यालय में की गई है। इसमें एक क्लर्क व एक पैरोकार की नियुक्ति की गई है। बढ़ती फाइलों के कारण इनके निपटान में भी समय लग रहा है।
हांसी को जिलास्तर का दर्जा मिलने के बाद शहर में जमीन और जायदाद की कीमतों में वृद्धि हुई है। तहसील कार्यालय में भी रजिस्ट्रियों की संख्या में अच्छा इजाफा देखने को मिला है। शहरी सीमा में रजिस्ट्री करवाने के लिए एनडीसी ( नो ड्यूज सर्टिफिकेट) एक अनिवार्य दस्तावेज है। क्योंकि इसके बिना जमीन की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री संभव नहीं है।
बकाया टैक्स वसूली और सीलिंग
10 हजार रुपये से ज्यादा लंबित प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करने वाले बकायादारों को नगर परिषद की तरफ से नोटिस दिए जा रहे हैं। नगर परिषद ने 107 भवनों को चिह्नित किया है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स 10 लाख रुपये से ज्यादा लंबित है। नगर परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा अब तक करीब 2 हजार लोगों को टैक्स जमा करवाने का नोटिस दे चुकी है। नगर परिषद ने पिछले महीने लंबित प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने पर 15 दुकानों पर कार्रवाई की थी, जिसमें से 13 दुकानदारों ने टैक्स जमा करवा दिया था। दो दुकानों ने अब तक टैक्स जमा नहीं करवाया है। पिछले एक महीने से टैक्स को लेकर सीलिंग कार्रवाई बंद है।
पोर्टल पर दिखा रहा हांसी जिला
वहीं, जिला घोषित होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर भी अब हांसी जिला अलग से दर्शा रहा है, जिसमें लोग एनडीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित सारा कार्य यूएलबी पोर्टल के माध्यम से होता है। कई बार पोर्टल में तकनीकी खामी या बंद होने की स्थिति में एनडीसी जारी करने का काम रुक जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला बनने के बाद एनडीसी की फाइलें काफी आ रही हैं। ऐसी फाइलों की संख्या में इजाफा हुआ है।- अंजल वायू, सचिव, नगर परिषद।
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पहले दस से कम फाइलें आती थी। जनवरी महीने में 450 से अधिक फाइलें नगर परिषद कार्यालय में आई हैं। वहीं, नगर परिषद के दो कर्मचारियों की नियुक्ति डीसी कार्यालय में की गई है। इसमें एक क्लर्क व एक पैरोकार की नियुक्ति की गई है। बढ़ती फाइलों के कारण इनके निपटान में भी समय लग रहा है।
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हांसी को जिलास्तर का दर्जा मिलने के बाद शहर में जमीन और जायदाद की कीमतों में वृद्धि हुई है। तहसील कार्यालय में भी रजिस्ट्रियों की संख्या में अच्छा इजाफा देखने को मिला है। शहरी सीमा में रजिस्ट्री करवाने के लिए एनडीसी ( नो ड्यूज सर्टिफिकेट) एक अनिवार्य दस्तावेज है। क्योंकि इसके बिना जमीन की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री संभव नहीं है।
बकाया टैक्स वसूली और सीलिंग
10 हजार रुपये से ज्यादा लंबित प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करने वाले बकायादारों को नगर परिषद की तरफ से नोटिस दिए जा रहे हैं। नगर परिषद ने 107 भवनों को चिह्नित किया है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स 10 लाख रुपये से ज्यादा लंबित है। नगर परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा अब तक करीब 2 हजार लोगों को टैक्स जमा करवाने का नोटिस दे चुकी है। नगर परिषद ने पिछले महीने लंबित प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने पर 15 दुकानों पर कार्रवाई की थी, जिसमें से 13 दुकानदारों ने टैक्स जमा करवा दिया था। दो दुकानों ने अब तक टैक्स जमा नहीं करवाया है। पिछले एक महीने से टैक्स को लेकर सीलिंग कार्रवाई बंद है।
पोर्टल पर दिखा रहा हांसी जिला
वहीं, जिला घोषित होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर भी अब हांसी जिला अलग से दर्शा रहा है, जिसमें लोग एनडीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित सारा कार्य यूएलबी पोर्टल के माध्यम से होता है। कई बार पोर्टल में तकनीकी खामी या बंद होने की स्थिति में एनडीसी जारी करने का काम रुक जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला बनने के बाद एनडीसी की फाइलें काफी आ रही हैं। ऐसी फाइलों की संख्या में इजाफा हुआ है।- अंजल वायू, सचिव, नगर परिषद।
