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Hisar News: तलाकशुदा पत्नी की चाकू मारकर हत्या के दोषी को उम्रकैद
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हिसार। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत शर्मा की अदालत ने शनिवार को तलाकशुदा पत्नी सरिता की चाकू मारकर हत्या के मामले में धर्मबीर उर्फ घोलू (गांव मात्रश्याम) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20,000 रुपये जुर्माना भी लगाया।
सदर थाना पुलिस ने 19 मई 2024 को हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता अनूप मजदूरी करता है और उसकी शादी 6 मई 2024 को सरिता से हुई थी। सरिता की पहली शादी धर्मबीर उर्फ घोलू से हुई थी, जिससे उसे डेढ़ साल की एक बेटी है। तलाक के बाद बच्ची सरिता के माता-पिता के पास रहती थी।
अनूप ने बताया कि घटना के दिन वह गांव के ऋषि कुमार के मकान में मजदूरी कर रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे, उसके साथी आशा राम ने बताया कि धर्मबीर ने सरिता पर हमला कर दिया है। घर पहुंचने पर उन्होंने पत्नी को आंगन में चूल्हे के पास मृत पाया, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे।
अनूप की मां सरस्वती ने बताया कि वह कमरे में सो रही थी, तभी सरिता चीखती हुई कमरे में आई। धर्मबीर चाकू लेकर उसके पीछे-पीछे आया और ताबड़तोड़ वार करने लगा। बचाने का प्रयास करने पर उसने भी चाकू दिखाकर धमकाया। पड़ोस में छिपने के बाद लौटने पर सरस्वती ने धर्मबीर को खून से सना चाकू लेकर घर से बाहर जाते देखा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर पूरी जांच की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने धर्मबीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई।
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सदर थाना पुलिस ने 19 मई 2024 को हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता अनूप मजदूरी करता है और उसकी शादी 6 मई 2024 को सरिता से हुई थी। सरिता की पहली शादी धर्मबीर उर्फ घोलू से हुई थी, जिससे उसे डेढ़ साल की एक बेटी है। तलाक के बाद बच्ची सरिता के माता-पिता के पास रहती थी।
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अनूप ने बताया कि घटना के दिन वह गांव के ऋषि कुमार के मकान में मजदूरी कर रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे, उसके साथी आशा राम ने बताया कि धर्मबीर ने सरिता पर हमला कर दिया है। घर पहुंचने पर उन्होंने पत्नी को आंगन में चूल्हे के पास मृत पाया, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे।
अनूप की मां सरस्वती ने बताया कि वह कमरे में सो रही थी, तभी सरिता चीखती हुई कमरे में आई। धर्मबीर चाकू लेकर उसके पीछे-पीछे आया और ताबड़तोड़ वार करने लगा। बचाने का प्रयास करने पर उसने भी चाकू दिखाकर धमकाया। पड़ोस में छिपने के बाद लौटने पर सरस्वती ने धर्मबीर को खून से सना चाकू लेकर घर से बाहर जाते देखा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर पूरी जांच की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने धर्मबीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई।
