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आज के युग में एआई का अहम योगदान : डॉ. शालू
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:27 AM IST
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हांसी। राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेमिनार में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय की कॉमर्स की प्रोफेसर डॉ. शालू सैनी ने सूचना प्रोद्योगिक व आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के युग में बिजनेस व दैनिक जीवन में एआई का अहम योगदान है।
इस सेमिनार में देश के अलग-अलग महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों से 130 से भी ज्यादा शिक्षकों व रिसर्च स्कॉलर्स ने भाग लिया। साथ ही सेमिनार में सभी प्रतिभागियों के लिखे शोध पत्रों की प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी हुआ। नेशनल सेमिनार के मुख्य संयोजक व कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बंतासिंह जांगड़ा ने जानकारी दी कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने सत्र 2025-26 के लिए राजकीय महाविद्यालय को नेशनल सेमिनार आयोजित करवाने का जिम्मा सौंपा था,त जिसका आयोजन शनिवार को हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य दलबीर सिंह ने इस राष्ट्रीय स्तर सेमिनार की अध्यक्षता की।
तकनीक का प्रयोग कर हम स्मार्ट बन सकते हैं
दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय की कॉमर्स की प्रोफेसर डॉ शालू सैनी ने सुबह सत्र की की-नोट स्पीकर के रूप में उपस्थित हुई थीं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रोद्योगिक व आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के योगदान से हम स्मार्ट बन सकते हैं, परंतु सतर्कता जरूरी है।सेमिनार में मंच का संचालन कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राज कुमार ने किया। समापन सत्र के को-नोट स्पीकर के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप सिंह ने शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व वर्तमान युग में रिसर्च के टूल्स के बारे में बताते हुए कहा कि कंप्यूटर के इस युग में रिसर्च बहुत आसान हो गई है। बहुत ही सतर्कता से रिसर्च को अंजाम दें अन्यथा इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
इस सत्र में डॉ. कुलदीप सिंह ने बहुत सारे रिसर्च टूल्स का प्रयोग करके भी दिखाया। सेमिनार के तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों द्वारा अपने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए। जिसमें सत्र अध्यक्ष की भूमिका प्रो. सतीश सिंगला, डॉ. विनोद प्रकाश, डॉ. सुमन मलिक व डॉ. कपिल मलिक ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर प्रो. शामेंद्र बामल, प्रो. किशन पाल, प्रो. जोगिंद्र सिंह, प्रो. शिव रत्तन, डॉ. रजनी उपस्थित रहे।
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इस सेमिनार में देश के अलग-अलग महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों से 130 से भी ज्यादा शिक्षकों व रिसर्च स्कॉलर्स ने भाग लिया। साथ ही सेमिनार में सभी प्रतिभागियों के लिखे शोध पत्रों की प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी हुआ। नेशनल सेमिनार के मुख्य संयोजक व कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बंतासिंह जांगड़ा ने जानकारी दी कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने सत्र 2025-26 के लिए राजकीय महाविद्यालय को नेशनल सेमिनार आयोजित करवाने का जिम्मा सौंपा था,त जिसका आयोजन शनिवार को हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य दलबीर सिंह ने इस राष्ट्रीय स्तर सेमिनार की अध्यक्षता की।
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तकनीक का प्रयोग कर हम स्मार्ट बन सकते हैं
दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय की कॉमर्स की प्रोफेसर डॉ शालू सैनी ने सुबह सत्र की की-नोट स्पीकर के रूप में उपस्थित हुई थीं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रोद्योगिक व आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के योगदान से हम स्मार्ट बन सकते हैं, परंतु सतर्कता जरूरी है।सेमिनार में मंच का संचालन कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राज कुमार ने किया। समापन सत्र के को-नोट स्पीकर के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप सिंह ने शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व वर्तमान युग में रिसर्च के टूल्स के बारे में बताते हुए कहा कि कंप्यूटर के इस युग में रिसर्च बहुत आसान हो गई है। बहुत ही सतर्कता से रिसर्च को अंजाम दें अन्यथा इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
इस सत्र में डॉ. कुलदीप सिंह ने बहुत सारे रिसर्च टूल्स का प्रयोग करके भी दिखाया। सेमिनार के तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों द्वारा अपने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए। जिसमें सत्र अध्यक्ष की भूमिका प्रो. सतीश सिंगला, डॉ. विनोद प्रकाश, डॉ. सुमन मलिक व डॉ. कपिल मलिक ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर प्रो. शामेंद्र बामल, प्रो. किशन पाल, प्रो. जोगिंद्र सिंह, प्रो. शिव रत्तन, डॉ. रजनी उपस्थित रहे।
