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Hisar News: सिसक रहा बचपन, हांफ रहा बुढ़ापा
Sun, 12 Jul 2026 03:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 12 Jul 2026 03:31 AM IST
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हांसी गोद में नवजातों को लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते अभिभावक। संवाद
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हांसी। डिजिटल पहचान के दौर में आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की जद्दोजहद लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है। गत तीन माह से अन्य केंद्रों पर सुविधा न होने से क्षेत्र के लोग शहर के डाकघर में कतार में खड़े होकर इंतजार को विवश हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि यहां गर्मी के मौसम में पर्याप्त प्रबंध न होने से नवजातों को गोद में लिए महिलाएं घंटों खड़ी रहती हैं। कागजी वजूद के लिए कतारों में सिसक रहे बचपन और हांफते बुजुर्गों की लाचारी जिम्मेदरों पर सवाल उठाती नजर आती है।
जिला सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय और एसबीआई जैसे सरकारी कार्यालयों व बैंक में आधार कार्ड बनाने का काम स्थाई रूप से बंद है। जिला सचिवालय में सप्ताह में केवल तीन दिन आधार कार्ड बनते हैं। एसबीआई में आधार कार्ड मशीन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। वहीं बीडीपीओ कार्यालय में नियमित आधार कार्ड नहीं बन रहे। सभी जगह पोर्टल न खुलने व अन्य तकनीकी समस्या रहती है। ऐसा पिछले तीन महीने से चल रहा है।
मुख्य डाकघर में आधार कार्ड के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। इन काउंटरों पर प्रतिदिन करीब 80 लोगों का ही नंबर आता है। आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए लोगों को सुबह से ही लंबी कतारों में लगना पड़ता है। कई बार तो लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं मिल पाता। वीरवार को नंबर न आने पर लोगों ने हंगामा भी किया जिससे वहां स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। सीमित काउंटरों व कम संख्या में नंबर आने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
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अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सेवा हो शुरू
पहले जिला सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय और एसबीआई में भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा नियमित नहीं है। आए दिन तकनीकी कारणों से यहां आधार कार्ड नहीं बनते। इन केंद्रों के बंद होने से मुख्य डाकघर पर दबाव काफी बढ़ गया है। नागरिकों की मांग है कि अन्य सरकारी कार्यालयों में भी आधार कार्ड सेवा को फिर से शुरू किया जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा।
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आधार कार्ड में नंबर अपडेट करवाना था। इसके लिए सुबह साढ़े नौ बजे लाइन में लगा था। दोपहर 12 बजे नंबर आया है। गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ा। गर्मी से बचने के लिए कूलर व अन्य कोई व्यवस्था भी नहीं है।- मोहन लाल, शहरवासी।
बच्चों की फोटो अपडेट करवाने के लिए गांव कुलाना से सुबह सात बजे डाकघर आ गया था। दोपहर 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया है। इसके लिए पहले भी दो बार चक्कर काटे लेकिन काम नहीं हुआ। स्कूल से बच्चों की छुट्टियां भी लेनी पड़ीं।- महेंद्र।
भीड़ को देखते हुए पिछले एक महीने से हमने यहां पर दो काउंटर बनवाए हुए है। अन्य जगहों पर आधार कार्ड का काम नहीं हो रहा इसलिए यहां पर भीड़ रहती है।- अशोक वर्मा, पोस्ट मास्टर, डाकघर।
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जिला सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय और एसबीआई जैसे सरकारी कार्यालयों व बैंक में आधार कार्ड बनाने का काम स्थाई रूप से बंद है। जिला सचिवालय में सप्ताह में केवल तीन दिन आधार कार्ड बनते हैं। एसबीआई में आधार कार्ड मशीन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। वहीं बीडीपीओ कार्यालय में नियमित आधार कार्ड नहीं बन रहे। सभी जगह पोर्टल न खुलने व अन्य तकनीकी समस्या रहती है। ऐसा पिछले तीन महीने से चल रहा है।
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मुख्य डाकघर में आधार कार्ड के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। इन काउंटरों पर प्रतिदिन करीब 80 लोगों का ही नंबर आता है। आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए लोगों को सुबह से ही लंबी कतारों में लगना पड़ता है। कई बार तो लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं मिल पाता। वीरवार को नंबर न आने पर लोगों ने हंगामा भी किया जिससे वहां स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। सीमित काउंटरों व कम संख्या में नंबर आने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
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अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सेवा हो शुरू
पहले जिला सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय और एसबीआई में भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा नियमित नहीं है। आए दिन तकनीकी कारणों से यहां आधार कार्ड नहीं बनते। इन केंद्रों के बंद होने से मुख्य डाकघर पर दबाव काफी बढ़ गया है। नागरिकों की मांग है कि अन्य सरकारी कार्यालयों में भी आधार कार्ड सेवा को फिर से शुरू किया जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा।
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आधार कार्ड में नंबर अपडेट करवाना था। इसके लिए सुबह साढ़े नौ बजे लाइन में लगा था। दोपहर 12 बजे नंबर आया है। गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ा। गर्मी से बचने के लिए कूलर व अन्य कोई व्यवस्था भी नहीं है।- मोहन लाल, शहरवासी।
बच्चों की फोटो अपडेट करवाने के लिए गांव कुलाना से सुबह सात बजे डाकघर आ गया था। दोपहर 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया है। इसके लिए पहले भी दो बार चक्कर काटे लेकिन काम नहीं हुआ। स्कूल से बच्चों की छुट्टियां भी लेनी पड़ीं।- महेंद्र।
भीड़ को देखते हुए पिछले एक महीने से हमने यहां पर दो काउंटर बनवाए हुए है। अन्य जगहों पर आधार कार्ड का काम नहीं हो रहा इसलिए यहां पर भीड़ रहती है।- अशोक वर्मा, पोस्ट मास्टर, डाकघर।

हांसी गोद में नवजातों को लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते अभिभावक। संवाद