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Hisar News: डीसी ने शव कुतरने के मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को भेजी, तीन कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में डी-फ्रीजर में रखे महिला के शव को चूहों द्वारा कुतरने के मामले में उपायुक्त महेंद्र पाल ने मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है। जांच रिपोर्ट में मुख्य रूप से तीन लोगों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के संबंधित कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
हांसी निवासी 25 वर्षीय कोमल की 6 जून को प्रसव के दौरान हांसी के नागरिक अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद शव को हिसार के जिला नागरिक अस्पताल स्थित शवगृह के डी-फ्रीजर में रखा गया था। 7 जून को पोस्टमार्टम के लिए शव निकाला गया तो उसके माथे की खाल कुतरी हुई मिली। मौके पर चूहा भी देखा गया जिसके बाद परिजनों और लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी एडीसी शालिनी चेतल को सौंपी गई। एडीसी ने दो दिन में मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की और 48 घंटे के भीतर उपायुक्त को सौंप दी। इसके बाद उपायुक्त ने अपनी संस्तुति के साथ रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी। सूत्रों के अनुसार जांच में तीन लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया है जबकि कुछ अन्य स्तरों पर निगरानी और सतर्कता में भी कमी पाई गई है।
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नागरिक अस्पताल के शवगृह में डी-फ्रीजर में रखे महिला के शव को चूहों द्वारा कुतरने का मामला बेहद गंभीर था। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच करवाई गई थी। एडीसी शालिनी चेतल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई सरकार स्तर पर की जाएगी।
- महेंद्र पाल, उपायुक्त, हिसार।
हांसी निवासी 25 वर्षीय कोमल की 6 जून को प्रसव के दौरान हांसी के नागरिक अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद शव को हिसार के जिला नागरिक अस्पताल स्थित शवगृह के डी-फ्रीजर में रखा गया था। 7 जून को पोस्टमार्टम के लिए शव निकाला गया तो उसके माथे की खाल कुतरी हुई मिली। मौके पर चूहा भी देखा गया जिसके बाद परिजनों और लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी एडीसी शालिनी चेतल को सौंपी गई। एडीसी ने दो दिन में मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की और 48 घंटे के भीतर उपायुक्त को सौंप दी। इसके बाद उपायुक्त ने अपनी संस्तुति के साथ रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी। सूत्रों के अनुसार जांच में तीन लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया है जबकि कुछ अन्य स्तरों पर निगरानी और सतर्कता में भी कमी पाई गई है।
नागरिक अस्पताल के शवगृह में डी-फ्रीजर में रखे महिला के शव को चूहों द्वारा कुतरने का मामला बेहद गंभीर था। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच करवाई गई थी। एडीसी शालिनी चेतल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई सरकार स्तर पर की जाएगी।
- महेंद्र पाल, उपायुक्त, हिसार।