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Hisar News: 25 करोड़ की पेयजल परियोजना के बावजूद किरतान में जल संकट, ग्रामीणों का प्रदर्शन
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बालसमंद। गांव किरतान में पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को जलघर पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया और जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सीसवाला हेड पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बने पंप हाउस के बावजूद गांव में नियमित पानी नहीं पहुंच रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि चार-पांच दिन में एक बार ही पेयजल आपूर्ति हो रही है, जबकि पिछले 15 दिनों से स्थिति और गंभीर बनी हुई है। पानी की कमी के कारण लोगों को एक हजार रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद विभाग ने पंप हाउस की मोटर चालू कराई।
ग्रामीणों ने मांग की कि नहर में पानी रहने तक अतिरिक्त मोटरों से जलघर के टैंक भरे जाएं, प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का तबादला किया जाए। कपूर सिंह बुगालिया, सुरेश रेपस्वाल, विनोद जांगड़ा, रजनीश बुगालिया, दयानंद ढाका, मांगे शर्मा, रोहताश प्रधान और सतपाल जांगड़ा ने बताया कि नहर में तीन दिन से पानी होने के बावजूद टैंक नहीं भर पाए हैं।
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तीन साल बाद भी नहीं मिला परियोजना का लाभ
ग्रामीणों का कहना है कि सीसवाला हेड स्थित पंप हाउस तीन वर्ष पहले शुरू हो गया था, लेकिन इससे जुड़े छह गांवों को अब तक अपेक्षित लाभ नहीं मिला। विभाग कभी नहर में पानी कम होने तो कभी बिजली आपूर्ति बाधित होने का हवाला देकर समस्या टाल देता है। फिलहाल पुरानी पाइपलाइन से ही सीमित मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कपिल देव ने बताया कि सुबह मोटर नहीं चलने से जलघर तक पानी नहीं पहुंच पाया था। जेई को टैंक भरने और ग्रामीणों की शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि चार-पांच दिन में एक बार ही पेयजल आपूर्ति हो रही है, जबकि पिछले 15 दिनों से स्थिति और गंभीर बनी हुई है। पानी की कमी के कारण लोगों को एक हजार रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद विभाग ने पंप हाउस की मोटर चालू कराई।
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ग्रामीणों ने मांग की कि नहर में पानी रहने तक अतिरिक्त मोटरों से जलघर के टैंक भरे जाएं, प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का तबादला किया जाए। कपूर सिंह बुगालिया, सुरेश रेपस्वाल, विनोद जांगड़ा, रजनीश बुगालिया, दयानंद ढाका, मांगे शर्मा, रोहताश प्रधान और सतपाल जांगड़ा ने बताया कि नहर में तीन दिन से पानी होने के बावजूद टैंक नहीं भर पाए हैं।
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तीन साल बाद भी नहीं मिला परियोजना का लाभ
ग्रामीणों का कहना है कि सीसवाला हेड स्थित पंप हाउस तीन वर्ष पहले शुरू हो गया था, लेकिन इससे जुड़े छह गांवों को अब तक अपेक्षित लाभ नहीं मिला। विभाग कभी नहर में पानी कम होने तो कभी बिजली आपूर्ति बाधित होने का हवाला देकर समस्या टाल देता है। फिलहाल पुरानी पाइपलाइन से ही सीमित मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कपिल देव ने बताया कि सुबह मोटर नहीं चलने से जलघर तक पानी नहीं पहुंच पाया था। जेई को टैंक भरने और ग्रामीणों की शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।