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Hisar News: बिना लाइसेंस वाहन चलाने से दूसरे चालक की लापरवाही नहीं होती माफ
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हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ खत्री की अदालत ने शुक्रवार को 10 वर्ष पुराने सड़क हादसे के मामले में कहा कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानून का उल्लंघन है लेकिन केवल इसी आधार पर दुर्घटना के लिए दोषी चालक अपनी आपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।
अदालत ने हांसी की निचली अदालत द्वारा ऑटो चालक विजेंद्र को सुनाई गई एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा रद्द कर दी। हालांकि उसकी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए 1,500 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
अदालत ने माना कि 56 वर्षीय आरोपी पिछले 10 वर्षों से मुकदमे का सामना कर रहा है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। ऐसे में कारावास के बजाय जुर्माना पर्याप्त है।
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मामला 21 जुलाई 2016 का है। सीता नामक महिला अपने बेटे को लेने स्कूटी से जा रही थीं। हांसी के हुडा सेक्टर-6 मोड़ पर तेज रफ्तार और लापरवाही से आए ऑटो ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर, कॉलर बोन और हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए उसकी भी लापरवाही थी। अदालत ने यह तर्क खारिज करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना अलग अपराध है लेकिन इससे दूसरे चालक को लापरवाही से वाहन चलाने की छूट नहीं मिल जाती। अदालत ने कहा कि मोड़ पर वाहन चलाते समय चालक का पहला दायित्व गति कम करना और सामने से आने वाले वाहनों का ध्यान रखना है।
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अदालत ने हांसी की निचली अदालत द्वारा ऑटो चालक विजेंद्र को सुनाई गई एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा रद्द कर दी। हालांकि उसकी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए 1,500 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
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अदालत ने माना कि 56 वर्षीय आरोपी पिछले 10 वर्षों से मुकदमे का सामना कर रहा है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। ऐसे में कारावास के बजाय जुर्माना पर्याप्त है।
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मामला 21 जुलाई 2016 का है। सीता नामक महिला अपने बेटे को लेने स्कूटी से जा रही थीं। हांसी के हुडा सेक्टर-6 मोड़ पर तेज रफ्तार और लापरवाही से आए ऑटो ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर, कॉलर बोन और हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि पीड़िता के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए उसकी भी लापरवाही थी। अदालत ने यह तर्क खारिज करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना अलग अपराध है लेकिन इससे दूसरे चालक को लापरवाही से वाहन चलाने की छूट नहीं मिल जाती। अदालत ने कहा कि मोड़ पर वाहन चलाते समय चालक का पहला दायित्व गति कम करना और सामने से आने वाले वाहनों का ध्यान रखना है।