सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Dry hope, wet ground... Dadi Gori Stadium awaits promising talents

Hisar News: सूखी आस, भीगा मैदान...होनहारों की प्रतीक्षा में दादी गोरी स्टेडियम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
Dry hope, wet ground... Dadi Gori Stadium awaits promising talents
बवानीखेड़ा के खेल मैदान में जमा बारिश का पानी।
विज्ञापन
बवानीखेड़ा। कस्बे के लाइन पार स्थित दादी गोरी स्टेडियम की हालत खस्ता है और उसे संवारने में प्रशासन उदासीन नजर आ रहा है। कस्बे में खेल मैदान के लिए दो स्टेडियम -महर्षि वाल्मीकि स्टेडियम (भिवानी-हांसी बाईपास के पास) और रेलवे लाइन पार दादी गोरी स्टेडियम नामित हैं लेकिन दोनों के चारों ओर पुख्ता चहारदीवारी नहीं है। न खेल सामग्री उपलब्ध है और न ही बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए कोई कोच तैनात है।
Trending Videos

करीब 25, 000 आबादी वाले कस्बे में खेल सुविधाओं का अभाव है। बारिश के दौरान मैदान में दो से तीन फीट तक पानी भर गया था और अब भी जलभराव के कारण बच्चे दूसरी जगह अभ्यास को मजबूर हैं। नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ी अपने खर्च पर खेल सामग्री जुटा रहे हैं। ग्रामीण संजय, कृष्ण, राजबाला, पुष्पा, अजीत, रामकिशन, हरिराम, नाथूराम, मानसिंह और मुकेश ने बताया कि बच्चे प्रतिभाशाली हैं, पर उचित मैदान और कोचिंग के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रहे। हाल ही में जयपुर में हुई तीरंदाजी प्रतियोगिता में दादी गोरी स्टेडियम के खिलाड़ियों ने एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक रजत पदक जीता, जबकि एक खिलाड़ी ने दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर प्रशिक्षित कोच और उपकरणों के साथ बेहतर मैदान मिले तो खिलाड़ी देश-विदेश में नाम रोशन कर सकते हैं। सुबह-शाम बड़ी संख्या में कस्बावासी स्वास्थ्य लाभ के लिए यहां आते हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं से निराश हैं।

दस साल हाल बेहाल, स्टेडियम की आस में कस्बे के होनहार
30,000 से अधिक आबादी वाले बवानीखेड़ा कस्बे में अब तक युवाओं को समुचित खेल स्टेडियम नहीं मिल पाया। दादी गोरी व गोगाजी खेल स्टेडियम इसका उदाहरण हैं, जहां खिलाड़ी पिछले एक दशक से अपने खर्च और सामाजिक सहयोग से मूलभूत सुविधाएं जुटाकर जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। लगभग दस वर्ष पहले स्टेडियम की नींव रखी गई थी लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हो सका। रोजाना आसपास के गांवों से 200 से अधिक बच्चे एथलेटिक्स, आर्चरी, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों का अभ्यास करने आते हैं। खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर मिट्टी का रनिंग ट्रैक और अन्य व्यवस्थाएं की हैं।

अवैध कब्जों और ईंट चोरी करने वालों की शिकार स्टेडियम की चहारदीवारी
स्टेडियम भूमि पर अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं। चहारदीवारी की ईंटें चोरी होने से दीवार का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। लोगों ने आवागमन के लिए बीच में रास्ते बना लिए हैं। ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों की आवाजाही से खिलाड़ियों का बनाया रनिंग ट्रैक खराब हो रहा है। गेट के पास कचरा डाले जाने से गंदगी का ढेर लग गया है, जो बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

खिलाड़ियों के लिए नहीं मूलभूत सुविधाएं
स्टेडियम में पीने का पानी, शौचालय, विश्राम कक्ष और प्राथमिक उपचार की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक कपूर वाल्मीकि से स्टेडियम निर्माण की मांग की है। विधायक ने उच्च अधिकारियों से मिलकर निर्माण कार्य कराने का आश्वासन दिया है।


बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा दादी गोरी स्टेडियम से पानी की एक-एक बूंद निकाली जाएगी। धीरे-धीरे जल निकासी के बाद बच्चे दोबारा यहां अभ्यास करते दिखाई देंगे। -सुंदर अत्री, प्रधान, नगरपालिका बवानीखेड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed