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Hisar News: बुडाना में नहरी पानी न पहुंचने पर फूटा किसानों का गुस्सा
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नारनौंद के गांव बुडाना की सब माइनर पर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
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नारनौंद। गांव बुडाना की नहर घास से ओझल हो चुकी है। इस कारण नहरी पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। इससे परेशान किसानों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसान बुडाना सब माइनर पर एकत्र हुए। उन्होंने सिंचाई विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कागजों में माइनर की सफाई दिखाकर खानापूर्ति कर रहे हैं जबकि हकीकत में लंबे समय से माइनर की सफाई नहीं करवाई गई। इसी कारण खेतों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही। किसान बलवान, पाला राम, जोगेंद्र उर्फ जोग, राजा ढांडा, दीप ढांडा ने बताया कि 13 मई को नहरों में पानी छोड़ा गया था लेकिन बुडाना गांव तक पानी नहीं पहुंचा। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि धान की पौध तैयार करने और ज्वार समेत अन्य फसलों की सिंचाई के लिए इस समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। पानी न मिलने से तीन तालाब और फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। पशुओं के लिए भी पेयजल संकट गहरा गया है। पानी न मिलने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि करीब दो महीने बाद ही नहरों में पानी आएगा। यदि अभी पानी नहीं मिला तो उनकी फसलें पूरी तरह खराब हो जाएंगी। किसान रमेश सिवाच, अजीत, महावीर, नवीन, प्रदीप, सुनील, कुलदीप, हरदीप आदि किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा जल्द समाधान की मांग की।
सोमवार तक पानी पहुंचाने का दावा
सिंचाई विभाग नारनौंद के एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित जेई को सफाई के निर्देश दिए गए हैं। मजदूर लगाकर माइनर की सफाई का कार्य शुरू करवाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार तक हर हाल में माइनर में पानी पहुंचा दिया जाएगा।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कागजों में माइनर की सफाई दिखाकर खानापूर्ति कर रहे हैं जबकि हकीकत में लंबे समय से माइनर की सफाई नहीं करवाई गई। इसी कारण खेतों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही। किसान बलवान, पाला राम, जोगेंद्र उर्फ जोग, राजा ढांडा, दीप ढांडा ने बताया कि 13 मई को नहरों में पानी छोड़ा गया था लेकिन बुडाना गांव तक पानी नहीं पहुंचा। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि धान की पौध तैयार करने और ज्वार समेत अन्य फसलों की सिंचाई के लिए इस समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। पानी न मिलने से तीन तालाब और फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। पशुओं के लिए भी पेयजल संकट गहरा गया है। पानी न मिलने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि करीब दो महीने बाद ही नहरों में पानी आएगा। यदि अभी पानी नहीं मिला तो उनकी फसलें पूरी तरह खराब हो जाएंगी। किसान रमेश सिवाच, अजीत, महावीर, नवीन, प्रदीप, सुनील, कुलदीप, हरदीप आदि किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा जल्द समाधान की मांग की।
सोमवार तक पानी पहुंचाने का दावा
सिंचाई विभाग नारनौंद के एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित जेई को सफाई के निर्देश दिए गए हैं। मजदूर लगाकर माइनर की सफाई का कार्य शुरू करवाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार तक हर हाल में माइनर में पानी पहुंचा दिया जाएगा।