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Hisar News: उच्च रक्तचाप और शुगर की जकड़ में आ रहे युवा, 30 साल से ज्यादा उम्र वालों की स्क्रीनिंग के दौरान उच्च रक्तचाप के 50 हजार व शुगर के 27 हजार से ज्यादा मरीज मिले
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हिसार। स्वास्थ्य विभाग के गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत चल रही स्क्रीनिंग में अब तक 6 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। इस दौरान 50 हजार से अधिक उच्च रक्तचाप और 27 हजार से ज्यादा शुगर के मरीज सामने आए हैं।
सर्वाइकल के 38 और ब्रेस्ट कैंसर के 125 मरीज मिले हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों का समय रहते पता लगाकर लोगों को निशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और आशा वर्कर्स घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और उनके स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।
जिले की करीब 19 लाख आबादी में से 37 प्रतिशत यानी 7.56 लाख लोग 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। इनमें से करीब 6 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है
कैंसर की हर 5 साल में होती है स्क्रीनिंग : उच्च रक्तचाप और शुगर की जांच हर वर्ष की जानी है, जबकि कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल) की स्क्रीनिंग हर पांच साल में करने का प्रावधान है। वर्ष 2019-20 में एनसीडी पोर्टल शुरू होने के बाद से लगातार डेटा अपलोड किया जा रहा है।
अब तक की स्क्रीनिंग रिपोर्ट
बीमारी
स्क्रीनिंग
मरीज मिले
उपचार
ठीक
उच्च रक्तचाप
6,04,748
50,763
50,754
4,882
शुगर
6,04,865
27,953
27,951
5,075
ब्रेस्ट कैंसर
2,83,943
129
125
0
सर्वाइकल कैंसर
1,19,337
30
38
0
ओरल कैंसर
5,51,154
215
198
0
-- -- --
कार्यक्रम की प्रगति धीमी, डेटा अपलोड करने में दिक्कत
अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में करीब 80 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी थी। वर्ष 2025 में शुरू हुए दूसरे चरण में अब तक लगभग 49 प्रतिशत स्क्रीनिंग की गई है। हालांकि बहुउद्देशीय कर्मचारियों द्वारा डेटा अपलोड कार्य का बहिष्कार किए जाने के कारण पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट करने में दिक्कत आ रही है, जिससे कार्यक्रम की गति प्रभावित हुई है।
एनसीडी का उद्देश्य
एनसीडी कार्यक्रम के तहत कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच की जाती है जिन लोगों में बीमारी की पुष्टि होती है उनका सरकारी स्तर पर निशुल्क उपचार किया जाता है। डॉ. नीरू गुप्ता, जिला नोडल अधिकारी (एनसीडी) ने बताया कि कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग जारी है और इसका उद्देश्य लोगों में समय रहते बीमारियों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है।
सर्वाइकल के 38 और ब्रेस्ट कैंसर के 125 मरीज मिले हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों का समय रहते पता लगाकर लोगों को निशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और आशा वर्कर्स घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और उनके स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।
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जिले की करीब 19 लाख आबादी में से 37 प्रतिशत यानी 7.56 लाख लोग 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। इनमें से करीब 6 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है
कैंसर की हर 5 साल में होती है स्क्रीनिंग : उच्च रक्तचाप और शुगर की जांच हर वर्ष की जानी है, जबकि कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल) की स्क्रीनिंग हर पांच साल में करने का प्रावधान है। वर्ष 2019-20 में एनसीडी पोर्टल शुरू होने के बाद से लगातार डेटा अपलोड किया जा रहा है।
अब तक की स्क्रीनिंग रिपोर्ट
बीमारी
स्क्रीनिंग
मरीज मिले
उपचार
ठीक
उच्च रक्तचाप
6,04,748
50,763
50,754
4,882
शुगर
6,04,865
27,953
27,951
5,075
ब्रेस्ट कैंसर
2,83,943
129
125
0
सर्वाइकल कैंसर
1,19,337
30
38
0
ओरल कैंसर
5,51,154
215
198
0
कार्यक्रम की प्रगति धीमी, डेटा अपलोड करने में दिक्कत
अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में करीब 80 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी थी। वर्ष 2025 में शुरू हुए दूसरे चरण में अब तक लगभग 49 प्रतिशत स्क्रीनिंग की गई है। हालांकि बहुउद्देशीय कर्मचारियों द्वारा डेटा अपलोड कार्य का बहिष्कार किए जाने के कारण पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट करने में दिक्कत आ रही है, जिससे कार्यक्रम की गति प्रभावित हुई है।
एनसीडी का उद्देश्य
एनसीडी कार्यक्रम के तहत कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच की जाती है जिन लोगों में बीमारी की पुष्टि होती है उनका सरकारी स्तर पर निशुल्क उपचार किया जाता है। डॉ. नीरू गुप्ता, जिला नोडल अधिकारी (एनसीडी) ने बताया कि कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग जारी है और इसका उद्देश्य लोगों में समय रहते बीमारियों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है।