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Hisar News: मुआवजे की मांग पर किसान अडिग, बिना भुगतान नहीं लगने देंगे खंभे
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नारनौंद उपमंडल परिसर में एसडीएम से बैठक करने पहुंचे किसान।
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नारनौंद। क्षेत्र में किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाईवोल्टेज बिजली लाइन के खंभे लगाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। किसानों ने सोमवार को स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा वे अपने खेतों में एक भी खंभा नहीं लगाने देंगे। कई गांवों के किसान सोमवार को एसडीएम विकास यादव से मिलने पहुंचे और अपनी भूमि का मूल्यांकन करवाने की मांग की।
किसानों ने प्रशासन से कहा कि बिना पारदर्शी प्रक्रिया और उचित मुआवजे के कोई भी कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों का आरोप है कि हरियाणा विद्युत पारेषण निगम (एचवीपीएनएल) की ओर से मुआवजे के लिए कोई ठोस नीति जारी नहीं की गई थी, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब मार्केट कमेटी रेट को आधार बनाने की बात सामने आई है, जिससे किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है।
किसानों ने यह भी बताया कि जमीन का सही मूल्यांकन करने के लिए मूल्यांकनकर्ता का आईडीबीआई बैंक से स्वीकृत होना और सरकारी लाइसेंस होना जरूरी है। इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए वे एसडीएम से मिले थे। एसडीएम विकास यादव ने एचवीपीएनएल के जींद और हिसार के अधिकारियों को बैठक में बुलाया जहां किसानों ने अपने मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति की जानकारी दी। दोनों पक्षों के मूल्यांकनकर्ताओं से जमीन की दर तय होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसान अपने रुख पर कायम हैं और मुआवजे के बिना किसी भी कार्य को आगे बढ़ने नहीं देने की बात दोहरा रहे हैं। इस दौरान भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब, जिलाध्यक्ष राकेश लोहान, और अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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किसानों ने प्रशासन से कहा कि बिना पारदर्शी प्रक्रिया और उचित मुआवजे के कोई भी कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों का आरोप है कि हरियाणा विद्युत पारेषण निगम (एचवीपीएनएल) की ओर से मुआवजे के लिए कोई ठोस नीति जारी नहीं की गई थी, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब मार्केट कमेटी रेट को आधार बनाने की बात सामने आई है, जिससे किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है।
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किसानों ने यह भी बताया कि जमीन का सही मूल्यांकन करने के लिए मूल्यांकनकर्ता का आईडीबीआई बैंक से स्वीकृत होना और सरकारी लाइसेंस होना जरूरी है। इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए वे एसडीएम से मिले थे। एसडीएम विकास यादव ने एचवीपीएनएल के जींद और हिसार के अधिकारियों को बैठक में बुलाया जहां किसानों ने अपने मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति की जानकारी दी। दोनों पक्षों के मूल्यांकनकर्ताओं से जमीन की दर तय होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसान अपने रुख पर कायम हैं और मुआवजे के बिना किसी भी कार्य को आगे बढ़ने नहीं देने की बात दोहरा रहे हैं। इस दौरान भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब, जिलाध्यक्ष राकेश लोहान, और अन्य किसान नेता मौजूद रहे।