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Hisar News: किसानों ने हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम रुकवााया, तार और इंसुलेटर टूटने की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की
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नारनौद के पेटवाड़ में किसानों के विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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नारनौंद। क्षेत्र के गांव पेटवाड़, नारनौंद और आसपास के किसानों का गुस्सा मंगलवार दोपहर फिर फूट पड़ा जब हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) की टीम 132 केवी लाइन की मरम्मत के लिए खेतों में पहुंची। इसके बाद भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष राकेश लोहान की अध्यक्षता में किसानों ने काम रुकवा दिया।
उन्होंने कहा कि बार-बार तार और इंसुलेटर टूटने की निष्पक्ष जांच होने तक कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। किसानों का आरोप है कि पेटवाड़ से नारनौंद तक बिछाई जा रही 132 केवी हाईवोल्टेज लाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है। जनवरी में तार और इंसुलेटर कई बार टूट चुके हैं। पहले 30 दिसंबर 2025 को तार टूटे, फिर 2 जनवरी को जोड़े गए, लेकिन 6 जनवरी को फिर से टूट गए। किसानों का कहना है कि इस लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बिजली निगम के एसडीओ संजय कुमार, जेई संदीप और बलराज टूटे तारों की मरम्मत करने पहुंचे थे। उनके साथ नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार भारी पुलिस बल लेकर आए। यह देख बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और मरम्मत रोकने की मांग की।
किसानों ने कहा कि पहले भी कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन न तो जांच हुई और न स्थायी समाधान हुआ। उनका आरोप है कि यह केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि खेतों में बिना सहमति टावर खड़े किए गए और लाइनों का निर्माण हुआ, जिससे फसलों को नुकसान हुआ और उन्हें मुआवजा नहीं मिला।
किसानों ने मांग की है कि लापरवाही करने वाली कंपनी को काली सूची में डाला जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकार की नीति संख्या 103-2024 के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस माैके पर विकास, सोनू, विजय, सोमबीर लोहान, प्रदीप, दिनेश, संदीप और कृष्ण माैजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बार-बार तार और इंसुलेटर टूटने की निष्पक्ष जांच होने तक कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। किसानों का आरोप है कि पेटवाड़ से नारनौंद तक बिछाई जा रही 132 केवी हाईवोल्टेज लाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है। जनवरी में तार और इंसुलेटर कई बार टूट चुके हैं। पहले 30 दिसंबर 2025 को तार टूटे, फिर 2 जनवरी को जोड़े गए, लेकिन 6 जनवरी को फिर से टूट गए। किसानों का कहना है कि इस लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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बिजली निगम के एसडीओ संजय कुमार, जेई संदीप और बलराज टूटे तारों की मरम्मत करने पहुंचे थे। उनके साथ नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार भारी पुलिस बल लेकर आए। यह देख बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और मरम्मत रोकने की मांग की।
किसानों ने कहा कि पहले भी कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन न तो जांच हुई और न स्थायी समाधान हुआ। उनका आरोप है कि यह केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि खेतों में बिना सहमति टावर खड़े किए गए और लाइनों का निर्माण हुआ, जिससे फसलों को नुकसान हुआ और उन्हें मुआवजा नहीं मिला।
किसानों ने मांग की है कि लापरवाही करने वाली कंपनी को काली सूची में डाला जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकार की नीति संख्या 103-2024 के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस माैके पर विकास, सोनू, विजय, सोमबीर लोहान, प्रदीप, दिनेश, संदीप और कृष्ण माैजूद रहे।