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Hisar News: आग लील रही कारोबार, नहीं चेत रहे जिम्मेदार
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सेक्टर-27-28 औद्योगिक क्षेत्र में लगे उद्योग।
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हिसार। शहर के औद्योगिक सेक्टर-27 और 28 में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिससे कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। हर साल औद्योगिक क्षेत्र में 10 से 12 छोटी-बड़ी आग की घटनाएं होती हैं जिनमें करोड़ों रुपये का माल जलकर नष्ट हो जाता है लेकिन जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं।
इन घटनाओं का प्रमुख कारण फायर स्टेशन की दूरी है जो औद्योगिक क्षेत्र से 14 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके अलावा शहर में लगे जाम के कारण दमकल को घटनास्थल पर पहुंचने में अधिक समय लगता है जिससे आग बुझाने में दिक्कतें आती हैं।
शहर में 500 औद्योगिक इकाइयां हैं। इन उद्योगों में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। गर्मी में तापमान बढ़ने से आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जबकि सर्दी में शॉर्ट सर्किट से भी ऐसे हादसे होते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में आग की बड़ी घटनाएं
दुर्गा वुडन इंडस्ट्री की आग (2022)
दिल्ली रोड स्थित सेक्टर 27-28 में दुर्गा वुडन इंडस्ट्री के गोदाम में 390 टन माल जलने की घटना हुई जिससे कारोबारी को करोड़ों का नुकसान हुआ। फायर स्टेशन की अनुपस्थिति के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका।
फलैक्सस कंपनी की आग (2026)
इस साल भी सेक्टर 27-28 में फलैक्सस कंपनी की यूनिट में आग लगी जिसमें प्लास्टिक पाइप और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में कठिनाई हुई और पानी की कमी के कारण दस किलोमीटर दूर से पानी लाकर आग बुझाई गई।
प्लास्टिक गोदाम में आग (2024)
2024 में एक प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लगी जिसमें संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। दमकल की आठ गाड़ियां बुलानी पड़ीं हालांकि दमकल टीमों ने आग को फैलने से रोका।
इंडस्ट्रियल एरिया में आग (2026)
2026 में इंडस्ट्रियल एरिया के प्लास्टिक पाइप और इलेक्ट्रिक सामान के गोदाम में आग लगी जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार आग में जलने से बाल-बाल बची।
बरवाला की कॉटन फैक्ट्री में आग (2026)
फरवरी 2026 में बरवाला की कॉटन फैक्ट्री में आग लगने से बिनौला, खल और मशीनरी जलकर राख हो गए थे।
फायर स्टेशन की स्थापना की आवश्यकता
बार-बार हो रही आग की घटनाओं के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना में देरी हो रही है। इससे कारोबारियों और श्रमिकों की जान खतरे में है। कई बार एसोसिएशन की ओर से फायर स्टेशन की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया है।
- मदनलाल गोयल, अध्यक्ष, स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, हिसार
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इन घटनाओं का प्रमुख कारण फायर स्टेशन की दूरी है जो औद्योगिक क्षेत्र से 14 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके अलावा शहर में लगे जाम के कारण दमकल को घटनास्थल पर पहुंचने में अधिक समय लगता है जिससे आग बुझाने में दिक्कतें आती हैं।
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शहर में 500 औद्योगिक इकाइयां हैं। इन उद्योगों में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। गर्मी में तापमान बढ़ने से आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जबकि सर्दी में शॉर्ट सर्किट से भी ऐसे हादसे होते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में आग की बड़ी घटनाएं
दुर्गा वुडन इंडस्ट्री की आग (2022)
दिल्ली रोड स्थित सेक्टर 27-28 में दुर्गा वुडन इंडस्ट्री के गोदाम में 390 टन माल जलने की घटना हुई जिससे कारोबारी को करोड़ों का नुकसान हुआ। फायर स्टेशन की अनुपस्थिति के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका।
फलैक्सस कंपनी की आग (2026)
इस साल भी सेक्टर 27-28 में फलैक्सस कंपनी की यूनिट में आग लगी जिसमें प्लास्टिक पाइप और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में कठिनाई हुई और पानी की कमी के कारण दस किलोमीटर दूर से पानी लाकर आग बुझाई गई।
प्लास्टिक गोदाम में आग (2024)
2024 में एक प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लगी जिसमें संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। दमकल की आठ गाड़ियां बुलानी पड़ीं हालांकि दमकल टीमों ने आग को फैलने से रोका।
इंडस्ट्रियल एरिया में आग (2026)
2026 में इंडस्ट्रियल एरिया के प्लास्टिक पाइप और इलेक्ट्रिक सामान के गोदाम में आग लगी जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार आग में जलने से बाल-बाल बची।
बरवाला की कॉटन फैक्ट्री में आग (2026)
फरवरी 2026 में बरवाला की कॉटन फैक्ट्री में आग लगने से बिनौला, खल और मशीनरी जलकर राख हो गए थे।
फायर स्टेशन की स्थापना की आवश्यकता
बार-बार हो रही आग की घटनाओं के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना में देरी हो रही है। इससे कारोबारियों और श्रमिकों की जान खतरे में है। कई बार एसोसिएशन की ओर से फायर स्टेशन की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया है।
- मदनलाल गोयल, अध्यक्ष, स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, हिसार