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Hisar News: पानी के लिए टी कनेक्शन की टूटी उम्मीद, भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन परियोजना स्थगित
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हांसी। पानी के लिए पिछले करीब दो माह से आंदोलन कर रहे चानौत के बाशिंदों की भाखड़ा पेयजल लाइन से टी कनेक्शन की उम्मीदों को झटका लगा है। हांसी के दोनों जलघरों को बरवाला ब्रांच से जोड़ने के लिए बिछाई जा रही इस पाइपलाइन योजना को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने स्थगित कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस योजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इन्कार कर दिया है। अभी इस योजना का 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
लोकनिर्माण विभाग के विश्राम गृह में रविवार शाम प्रेसवार्ता में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने बताया कि एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी के हांसी-बरवाला रोड के चौड़ीकरण हवाला देते हुए पाइपलाइन बिछाने का कामरोकने के निर्देश दिए थे। एनएचएआई ने कहा कि जब तक सड़क की अंतिम चौड़ाई व तकनीकी डिजाइन को अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक पाइपलाइन डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
एनओसी बगैर करोड़ों रुपये का कार्य शुरू करने के सवाल पर त्यागी ने तर्क दिया कि हांसी में पेयजल की बढ़ती किल्लत और जनता की जरूरतों को देखते जल्द कार्य शुरू किया गया था। कई सरकारी परियोजनाओं में विभागों के बीच आपसी समन्वय के आधार पर काम शुरू कर दिया जाता है। उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम चलते-चलते एनओसी भी मिल जाएगी। अभी इस परियोजना को रद्द नहीं किया बल्कि अस्थायी रूप से रोका गया है। हमने एनओसी के लिए आवेदन कर रखा है। इस प्रक्रिया में कुछ महीनों से लेकर एक वर्ष तक का समय लग सकता है। तकनीकी कारणों से मौजूदा मार्ग पर अनुमति नहीं मिलती है तो विभाग पाइपलाइन के रूट में बदलाव करने के विकल्प पर भी विचार करेगा जिसका निर्णय सरकार के स्तर पर होगा।
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51 दिन से चल रहे आंदोलन को लगा झटका
गांव चानौत में इस पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर 51 दिन से आंदोलन चल रहा है। आगामी दिनों में आमरण अनशन शुरू किया जाना था लेकिन इससे पहले ही इस परियोजना को स्थगित कर दिया गया जिससे आंदोलन कर रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है। बड़ा सवाल यह है कि जब यह परियोजना ही स्थगित हो गई है तो धरना समिति क्या निर्णय लेगी।
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आंदोलन बंद नहीं करेंगे। योजना को स्थगित करके सरकार ने आम जनात के खिलाफ खिलवाड़ किया है। बिना एनओसी पाइपलाइन बिछाने का काम विभाग ने कैसे शुरू कर दिया। इस पर सवाल उठता है। जिन किसानों के खेतों में से लाइन बिछाई गई थी उनसे उच्च न्यायालय में याचिका डलवाएंगे। एनएचएआई केंद्र के अधीन है और केंद्र में भी भाजपा सरकार है। प्रदेश सरकार चाहे तो वहां से एनओसी दिलवा सकती है। सोमवार को बैठक कर आगे की रूपरेखा तय करेंगे।
- अनूप सिंह चानौत, धरना कमेटी सदस्य।
लोकनिर्माण विभाग के विश्राम गृह में रविवार शाम प्रेसवार्ता में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने बताया कि एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी के हांसी-बरवाला रोड के चौड़ीकरण हवाला देते हुए पाइपलाइन बिछाने का कामरोकने के निर्देश दिए थे। एनएचएआई ने कहा कि जब तक सड़क की अंतिम चौड़ाई व तकनीकी डिजाइन को अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक पाइपलाइन डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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एनओसी बगैर करोड़ों रुपये का कार्य शुरू करने के सवाल पर त्यागी ने तर्क दिया कि हांसी में पेयजल की बढ़ती किल्लत और जनता की जरूरतों को देखते जल्द कार्य शुरू किया गया था। कई सरकारी परियोजनाओं में विभागों के बीच आपसी समन्वय के आधार पर काम शुरू कर दिया जाता है। उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम चलते-चलते एनओसी भी मिल जाएगी। अभी इस परियोजना को रद्द नहीं किया बल्कि अस्थायी रूप से रोका गया है। हमने एनओसी के लिए आवेदन कर रखा है। इस प्रक्रिया में कुछ महीनों से लेकर एक वर्ष तक का समय लग सकता है। तकनीकी कारणों से मौजूदा मार्ग पर अनुमति नहीं मिलती है तो विभाग पाइपलाइन के रूट में बदलाव करने के विकल्प पर भी विचार करेगा जिसका निर्णय सरकार के स्तर पर होगा।
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51 दिन से चल रहे आंदोलन को लगा झटका
गांव चानौत में इस पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर 51 दिन से आंदोलन चल रहा है। आगामी दिनों में आमरण अनशन शुरू किया जाना था लेकिन इससे पहले ही इस परियोजना को स्थगित कर दिया गया जिससे आंदोलन कर रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है। बड़ा सवाल यह है कि जब यह परियोजना ही स्थगित हो गई है तो धरना समिति क्या निर्णय लेगी।
आंदोलन बंद नहीं करेंगे। योजना को स्थगित करके सरकार ने आम जनात के खिलाफ खिलवाड़ किया है। बिना एनओसी पाइपलाइन बिछाने का काम विभाग ने कैसे शुरू कर दिया। इस पर सवाल उठता है। जिन किसानों के खेतों में से लाइन बिछाई गई थी उनसे उच्च न्यायालय में याचिका डलवाएंगे। एनएचएआई केंद्र के अधीन है और केंद्र में भी भाजपा सरकार है। प्रदेश सरकार चाहे तो वहां से एनओसी दिलवा सकती है। सोमवार को बैठक कर आगे की रूपरेखा तय करेंगे।
- अनूप सिंह चानौत, धरना कमेटी सदस्य।