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Hisar News: जमीन ने अटकाईं सड़क परियोजनाएं, डाबड़ा माइनर पर रोड, नहर के किनारे रोड निर्माण व राजगढ़ फोरलेन प्रोजेक्ट जमीन न मिलने के अभाव में अटका
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हिसार। जमीन न होने से शहर की तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं सिरे नहीं चढ़ सकी हैं। पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर शाखा ने अब उपायुक्त से डाया गांव की पंचायती जमीन उपलब्ध करवाने की मांग की है। वन विभाग को पेड़ काटने की एवज में यह जमीन दी जाएगी।
बीएंडआर की तरफ से डाबड़ा माइनर पर रोड, बालसमंद नहर के किनारे रोड और राजगढ़ फोरलेन रोड का निर्माण किया जाएगा। जिस जमीन पर सड़क का निर्माण किया जाना है, वहां काफी संख्या में पेड़ हैं। निर्माण के लिए इन पेड़ों का काटा जाएगा। हालांकि इन पेड़ों की एवज में वन विभाग पौधरोपण करेगा। मगर इसके लिए वन विभाग को जमीन उपलब्ध करवानी होगी। बीएंडआर के अनुसार बालसमंद नहर के साथ प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए 3.76 एकड़, राजगढ़ फाेरलेन रोड के लिए 5.60 एकड़ और डाबड़ा माइनर पर तोशाम रोड से कैमरी रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 6.55 एकड़ जमीन वन विभाग को देनी है। यह जमीन मिलने के बाद ही वन विभाग बीएंडआर को पेड़ काटने की अनुमति देगा।
डाया गांव में चिह्नित की गई है 10 एकड़ जमीन
बीएंडआर की तरफ से डाया गांव में 10 एकड़ चिह्नित की गई है। यह पंचायती जमीन है। अगर यह जमीन उपलब्ध हो जाती है तो राजगढ़ फोरलेन और बालसमंद नहर के किनारे रोड निर्माण परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाया जा सकेगा। हालांकि बीएंडआर ने गांव तेलनवाली और बासड़ा में भी जमीन चिह्नित की थी। मगर बीएंडआर को इन दोनों गांवों में जमीन नहीं मिली।
यह होगा फायदा
डाबड़ा माइनर पर सड़क बनने से दिल्ली रोड पर वाहनों का बोझ कम होगा। साथ ही दिल्ली रोड पर लगने वाले जाम से भी कुछ हद तक राहत मिलेगी। बालसमंद नहर के साथ-साथ रोड का निर्माण होने से तोशाम रोड पर आधार अस्पताल के पीछे बसी कॉलोनियों के लोगों को रास्ता मिलेगा। वहीं राजगढ़ फोरलेन रोड के निर्माण से आजाद नगर सहित राजगढ़ रोड पर बसे गांवों का आवागमन सुविधाजनक हो जाएगा।
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शहर की तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन की जरूरत है। गांव डाया में पंचायत की जमीन देखी है। यह जमीन मिल जाएगी तो तीन में से दो परियोजनाओं को जल्द सिरे चढ़ाया जा सकेगा। - जतिन खुराना, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
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बीएंडआर की तरफ से डाबड़ा माइनर पर रोड, बालसमंद नहर के किनारे रोड और राजगढ़ फोरलेन रोड का निर्माण किया जाएगा। जिस जमीन पर सड़क का निर्माण किया जाना है, वहां काफी संख्या में पेड़ हैं। निर्माण के लिए इन पेड़ों का काटा जाएगा। हालांकि इन पेड़ों की एवज में वन विभाग पौधरोपण करेगा। मगर इसके लिए वन विभाग को जमीन उपलब्ध करवानी होगी। बीएंडआर के अनुसार बालसमंद नहर के साथ प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए 3.76 एकड़, राजगढ़ फाेरलेन रोड के लिए 5.60 एकड़ और डाबड़ा माइनर पर तोशाम रोड से कैमरी रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 6.55 एकड़ जमीन वन विभाग को देनी है। यह जमीन मिलने के बाद ही वन विभाग बीएंडआर को पेड़ काटने की अनुमति देगा।
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डाया गांव में चिह्नित की गई है 10 एकड़ जमीन
बीएंडआर की तरफ से डाया गांव में 10 एकड़ चिह्नित की गई है। यह पंचायती जमीन है। अगर यह जमीन उपलब्ध हो जाती है तो राजगढ़ फोरलेन और बालसमंद नहर के किनारे रोड निर्माण परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाया जा सकेगा। हालांकि बीएंडआर ने गांव तेलनवाली और बासड़ा में भी जमीन चिह्नित की थी। मगर बीएंडआर को इन दोनों गांवों में जमीन नहीं मिली।
यह होगा फायदा
डाबड़ा माइनर पर सड़क बनने से दिल्ली रोड पर वाहनों का बोझ कम होगा। साथ ही दिल्ली रोड पर लगने वाले जाम से भी कुछ हद तक राहत मिलेगी। बालसमंद नहर के साथ-साथ रोड का निर्माण होने से तोशाम रोड पर आधार अस्पताल के पीछे बसी कॉलोनियों के लोगों को रास्ता मिलेगा। वहीं राजगढ़ फोरलेन रोड के निर्माण से आजाद नगर सहित राजगढ़ रोड पर बसे गांवों का आवागमन सुविधाजनक हो जाएगा।
शहर की तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन की जरूरत है। गांव डाया में पंचायत की जमीन देखी है। यह जमीन मिल जाएगी तो तीन में से दो परियोजनाओं को जल्द सिरे चढ़ाया जा सकेगा। - जतिन खुराना, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर