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Hisar News: गुरुजी की निगरानी में सजेगी भोजन की थाली, पौष्टिकता की आएगी खुशहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 01 May 2026 12:35 AM IST
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हिसार। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (मध्यांतर भोजन) की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह स्कूलों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था को बेहतर बना सकें।
योजना के तहत प्रत्येक खंड से 4 से 5 शिक्षकों का चयन कर पहले उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक नियमित रूप से कुक-कम-हेल्पर्स को निर्देश देकर उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे। इससे बच्चों को मिलने वाला आहार अधिक पौष्टिक और सुरक्षित बन सकेगा।
हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये चयनित शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में कार्यरत कुक-कम-हेल्पर्स को ट्रेनिंग देंगे। इसमें भोजन बनाने के सही तरीके, पोषण संतुलन, साफ-सफाई के मानक और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि यदि भोजन तैयार करने वाले स्टाफ को सही मार्गदर्शन मिलेगा तो मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार होगा।
निदेशालय की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची शीघ्र विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम को समय पर लागू किया जा सके। यह कदम मिड-डे मील योजना को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कक्षा 8वीं तक के सरकारी स्कूलों में इस योजना के तहत प्रतिदिन लाखों बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, पोषण और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है। कई बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आती रही हैं जिससे इस तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नई व्यवस्था से मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में बढ़ोतरी होगी। साथ ही इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।-राकेश चराया, बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी), हिसार-2
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योजना के तहत प्रत्येक खंड से 4 से 5 शिक्षकों का चयन कर पहले उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक नियमित रूप से कुक-कम-हेल्पर्स को निर्देश देकर उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे। इससे बच्चों को मिलने वाला आहार अधिक पौष्टिक और सुरक्षित बन सकेगा।
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हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये चयनित शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में कार्यरत कुक-कम-हेल्पर्स को ट्रेनिंग देंगे। इसमें भोजन बनाने के सही तरीके, पोषण संतुलन, साफ-सफाई के मानक और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि यदि भोजन तैयार करने वाले स्टाफ को सही मार्गदर्शन मिलेगा तो मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार होगा।
निदेशालय की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची शीघ्र विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम को समय पर लागू किया जा सके। यह कदम मिड-डे मील योजना को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कक्षा 8वीं तक के सरकारी स्कूलों में इस योजना के तहत प्रतिदिन लाखों बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, पोषण और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है। कई बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आती रही हैं जिससे इस तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नई व्यवस्था से मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में बढ़ोतरी होगी। साथ ही इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।-राकेश चराया, बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी), हिसार-2
