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नारनौंद हत्याकांड : चार दोषी करार, 11 आरोपी बरी
Fri, 17 Jul 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:11 AM IST
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हिसार। नारनौंद कस्बे में वर्ष 2020 में रंजिश के चलते हुए चर्चित हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक की अदालत ने वीरवार को चार आरोपियों को दोषी करार दिया है जबकि 11 आरोपियों को बरी कर दिया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में नारनौंद निवासी विशाल, राहुल, बालकिशन और जिंदल शामिल हैं। अदालत अब 18 जुलाई को दोषियों को सजा सुनाएगी।
वहीं गीता, रितु, कमलेश, बंटी, नसीब, देवराज, कन्हैया, बलराज, सुरेश, अमन और राजकुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। मामला 27 सितंबर 2020 को नारनौंद में हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा है जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और परिवार के कई सदस्य घायल हो गए थे। इस संबंध में मृतक के भाई एवं वार्ड नंबर-4 निवासी राममेहर की शिकायत पर नारनौंद थाना पुलिस ने 28 सितंबर 2020 को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
शिकायत के अनुसार 27 सितंबर की शाम उसके पुत्र विशाल का फायर ब्रिगेड के पास प्रमोद और राहुल के साथ विवाद हुआ था। इसी रंजिश में रात करीब साढ़े सात बजे आरोपित लाठी, डंडे, गंडासी और चाकू लेकर उनके घर पहुंच गए और हमला कर दिया।
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आरोप था कि हमलावरों ने रामकुमार को घर से बाहर खींचकर गली में ले जाकर हमला किया। बीच-बचाव करने आए हरिचंद, कर्मबीर उर्फ करमु, सचिन उर्फ सोमनाथ और बाला पर भी जानलेवा हमला किया गया। विशाल पुत्र बालकिशन पर रामकुमार के पेट में चाकू मारने, जबकि प्रमोद पुत्र सुरेश और बालकिशन उर्फ मंगत पर गंडासी से सिर पर वार करने का आरोप था।
घायल रामकुमार को पहले नारनौंद सीएचसी फिर हांसी के अस्पताल ले जाया गया। बाद में हिसार रेफर किए जाने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और सामान्य अस्पताल हांसी में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था जिसे अब 18 जुलाई को सुनाया जाएगा।
वहीं गीता, रितु, कमलेश, बंटी, नसीब, देवराज, कन्हैया, बलराज, सुरेश, अमन और राजकुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। मामला 27 सितंबर 2020 को नारनौंद में हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा है जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और परिवार के कई सदस्य घायल हो गए थे। इस संबंध में मृतक के भाई एवं वार्ड नंबर-4 निवासी राममेहर की शिकायत पर नारनौंद थाना पुलिस ने 28 सितंबर 2020 को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
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शिकायत के अनुसार 27 सितंबर की शाम उसके पुत्र विशाल का फायर ब्रिगेड के पास प्रमोद और राहुल के साथ विवाद हुआ था। इसी रंजिश में रात करीब साढ़े सात बजे आरोपित लाठी, डंडे, गंडासी और चाकू लेकर उनके घर पहुंच गए और हमला कर दिया।
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आरोप था कि हमलावरों ने रामकुमार को घर से बाहर खींचकर गली में ले जाकर हमला किया। बीच-बचाव करने आए हरिचंद, कर्मबीर उर्फ करमु, सचिन उर्फ सोमनाथ और बाला पर भी जानलेवा हमला किया गया। विशाल पुत्र बालकिशन पर रामकुमार के पेट में चाकू मारने, जबकि प्रमोद पुत्र सुरेश और बालकिशन उर्फ मंगत पर गंडासी से सिर पर वार करने का आरोप था।
घायल रामकुमार को पहले नारनौंद सीएचसी फिर हांसी के अस्पताल ले जाया गया। बाद में हिसार रेफर किए जाने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और सामान्य अस्पताल हांसी में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था जिसे अब 18 जुलाई को सुनाया जाएगा।