{"_id":"69824ac5a15b79249b06fc87","slug":"no-bus-no-e-rickshaw-a-test-to-reach-class-hisar-news-c-21-hsr1020-804274-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: बस न ई-रिक्शा, कक्षा तक पहुंचने की परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: बस न ई-रिक्शा, कक्षा तक पहुंचने की परीक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शुरू की गई कैंपस बस और ई-रिक्शा सेवा लंबे समय से बंद पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि वाहन की सुविधा न होने के चलते विद्यार्थियों को कक्षा तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। हजारों छात्र रोजाना लंबी दूरी पैदल तय कर शिक्षण खंडों तक पहुंचने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और समय-सारिणी पर पड़ रहा है।
वर्ष 2024 में शुरू की गई निशुल्क कैंपस बस सेवा अब पूरी तरह ठप हो चुकी है। वहीं, पहले उपलब्ध कराए गए ई-रिक्शा समय पर रखरखाव और बैटरी बदलने के अभाव में चलने लायक नहीं बचे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को बस स्टैंड से टीचिंग ब्लॉक, हॉस्टलों और विभिन्न विभागों तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से इस रूट के लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही थी, जो अब बंद हो चुकी है। इससे दूर-दराज स्थित हॉस्टलों और अकादमिक ब्लॉकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। करीब चार वर्ष पहले तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला की ओर से उपलब्ध कराए गए ई-रिक्शा भी समय रहते मरम्मत न होने और बैटरियां खराब होने के कारण पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। वर्तमान में कैंपस के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विद्यार्थियों का कहना है कि पैदल सफर में काफी समय बर्बाद हो रहा है और कई बार कक्षाएं भी छूट जाती हैं। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कैंपस परिवहन व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यूनिवर्सिटी में न बस है न ऑटो, एक हफ्ते में समाधान नहीं तो आंदोलन
यूनिवर्सिटी में न तो बस की सुविधा है और न ही ऑटो की। हमने यूनिवर्सिटी का पक्ष रखते हुए पत्र लिखा था कि आउटसाइडर की गाड़ियों की एंट्री बंद की जाए और विद्यार्थियों के लिए साधन उपलब्ध कराए जाएं। इस संबंध में विवि प्रशासन से बातचीत हुई है, जिन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि एक हफ्ते में बस सुविधा शुरू नहीं हुई तो छात्र आंदोलन करेंगे।
- अज्जू घनघस, इनसो जिलाध्यक्ष, हिसार।
टीचिंग ब्लॉक दूर, विद्यार्थी क्लास में हो रहे लेट
विवि में सभी टीचिंग ब्लॉक दूर-दूर स्थित हैं और बस व ई-रिक्शा व्यवस्था बंद होने से विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसके कारण छात्र क्लास में देरी से पहुंच रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- बागी राणा, एनएसयूआई।
कुछ दिन चली बस, फिर बंद हो गई
विवि की ओर से शुरू की गई बस व्यवस्था कुछ ही दिन चली और फिर बंद कर दी गई। इसका कारण भी किसी को नहीं बताया गया। आने-जाने में ही इतना समय लग जाता है कि छात्र कक्षा में लेट हो जाते हैं।
- हितेश, छात्र।
हजारों छात्रों के लिए सिर्फ एक बस, वह भी बंद
यूनिवर्सिटी में हजारों विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनके लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही थी और अब वह भी बंद कर दी गई है। अलग-अलग विभागों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बसों को नियमित रूप से शुरू किया जाए ताकि किसी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- नितेश जांगू, इनसो प्रधान।
लंबे समय से बस व्यवस्था बंद पड़ी
लंबे समय से बस व्यवस्था बंद पड़ी है। एक बस यूथ फेस्टिवल के लिए गई हुई है और फिलहाल कोई अन्य साधन उपलब्ध नहीं है। प्रशासन से बातचीत हुई है और बताया गया है कि आने वाले कुछ दिनों में बस और ई-रिक्शा सेवा शुरू कर दी जाएगी।
- कमलदीप अत्री, प्रधान एबीवीपी, जीजेयू।
जल्द खरीदी जाएंगी दो नई बसें : कुलपति
विद्यार्थियों के लिए सुबह-शाम बस और ई-रिक्शा चलाए जाते हैं। फिलहाल बस यूथ फेस्टिवल में भेजी गई है। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए जल्द ही दो नई बसें खरीदी जाएंगी। कैंपस में किसी भी विद्यार्थी को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।
Trending Videos
वर्ष 2024 में शुरू की गई निशुल्क कैंपस बस सेवा अब पूरी तरह ठप हो चुकी है। वहीं, पहले उपलब्ध कराए गए ई-रिक्शा समय पर रखरखाव और बैटरी बदलने के अभाव में चलने लायक नहीं बचे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को बस स्टैंड से टीचिंग ब्लॉक, हॉस्टलों और विभिन्न विभागों तक पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की ओर से इस रूट के लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही थी, जो अब बंद हो चुकी है। इससे दूर-दराज स्थित हॉस्टलों और अकादमिक ब्लॉकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। करीब चार वर्ष पहले तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला की ओर से उपलब्ध कराए गए ई-रिक्शा भी समय रहते मरम्मत न होने और बैटरियां खराब होने के कारण पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। वर्तमान में कैंपस के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विद्यार्थियों का कहना है कि पैदल सफर में काफी समय बर्बाद हो रहा है और कई बार कक्षाएं भी छूट जाती हैं। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कैंपस परिवहन व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यूनिवर्सिटी में न बस है न ऑटो, एक हफ्ते में समाधान नहीं तो आंदोलन
यूनिवर्सिटी में न तो बस की सुविधा है और न ही ऑटो की। हमने यूनिवर्सिटी का पक्ष रखते हुए पत्र लिखा था कि आउटसाइडर की गाड़ियों की एंट्री बंद की जाए और विद्यार्थियों के लिए साधन उपलब्ध कराए जाएं। इस संबंध में विवि प्रशासन से बातचीत हुई है, जिन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि एक हफ्ते में बस सुविधा शुरू नहीं हुई तो छात्र आंदोलन करेंगे।
- अज्जू घनघस, इनसो जिलाध्यक्ष, हिसार।
टीचिंग ब्लॉक दूर, विद्यार्थी क्लास में हो रहे लेट
विवि में सभी टीचिंग ब्लॉक दूर-दूर स्थित हैं और बस व ई-रिक्शा व्यवस्था बंद होने से विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसके कारण छात्र क्लास में देरी से पहुंच रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- बागी राणा, एनएसयूआई।
कुछ दिन चली बस, फिर बंद हो गई
विवि की ओर से शुरू की गई बस व्यवस्था कुछ ही दिन चली और फिर बंद कर दी गई। इसका कारण भी किसी को नहीं बताया गया। आने-जाने में ही इतना समय लग जाता है कि छात्र कक्षा में लेट हो जाते हैं।
- हितेश, छात्र।
हजारों छात्रों के लिए सिर्फ एक बस, वह भी बंद
यूनिवर्सिटी में हजारों विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनके लिए केवल एक ही बस चलाई जा रही थी और अब वह भी बंद कर दी गई है। अलग-अलग विभागों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बसों को नियमित रूप से शुरू किया जाए ताकि किसी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- नितेश जांगू, इनसो प्रधान।
लंबे समय से बस व्यवस्था बंद पड़ी
लंबे समय से बस व्यवस्था बंद पड़ी है। एक बस यूथ फेस्टिवल के लिए गई हुई है और फिलहाल कोई अन्य साधन उपलब्ध नहीं है। प्रशासन से बातचीत हुई है और बताया गया है कि आने वाले कुछ दिनों में बस और ई-रिक्शा सेवा शुरू कर दी जाएगी।
- कमलदीप अत्री, प्रधान एबीवीपी, जीजेयू।
जल्द खरीदी जाएंगी दो नई बसें : कुलपति
विद्यार्थियों के लिए सुबह-शाम बस और ई-रिक्शा चलाए जाते हैं। फिलहाल बस यूथ फेस्टिवल में भेजी गई है। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए जल्द ही दो नई बसें खरीदी जाएंगी। कैंपस में किसी भी विद्यार्थी को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।
