{"_id":"69c2e37a422ac6766302d7aa","slug":"non-bailable-warrant-issued-against-sandeep-dhiranwas-bailable-warrants-issued-against-10-others-hisar-news-c-21-hsr1020-835989-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: संदीप धीरणवास को गैर जमानती और 10 को जमानती वारंट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: संदीप धीरणवास को गैर जमानती और 10 को जमानती वारंट जारी
विज्ञापन
विज्ञापन
बालसमंद। हिसार जिला अदालत ने वर्ष 2021 में तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की कार में तोड़फोड़ के मामले में किसान नेता संदीप धीरणवास के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। इसके अलावा 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए गए हैं। मामला पांच साल पुराना है।
किसान नेता संदीप समेत अन्य पर आर्यनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष रहे रणबीर गंगवा के विरोध के दौरान उनकी गाड़ी का शीशा तोड़े जाने का आरोप है। इस संबंध में गंगवा के सुरक्षाकर्मी की शिकायत पर आजाद नगर थाने में जनवरी 2021 में संदीप धीरणवास सहित मंजीत बिश्नोई, अमित बिश्नोई, सतीश लौरा, अमित बिसला, राजेश भाकर, अनिल समेत 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अजीतपाल सिंह की अदालत से संदीप धीरणवास की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं और पुलिस को 4 अप्रैल तक उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि वारंट की तामील में लापरवाही होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाब देना होगा।
संदीप धीरणवास ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति बनी थी लेकिन इस संबंध में कोई लिखित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नोटिस का स्वागत करते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी देकर अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
Trending Videos
किसान नेता संदीप समेत अन्य पर आर्यनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष रहे रणबीर गंगवा के विरोध के दौरान उनकी गाड़ी का शीशा तोड़े जाने का आरोप है। इस संबंध में गंगवा के सुरक्षाकर्मी की शिकायत पर आजाद नगर थाने में जनवरी 2021 में संदीप धीरणवास सहित मंजीत बिश्नोई, अमित बिश्नोई, सतीश लौरा, अमित बिसला, राजेश भाकर, अनिल समेत 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अजीतपाल सिंह की अदालत से संदीप धीरणवास की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं और पुलिस को 4 अप्रैल तक उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि वारंट की तामील में लापरवाही होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाब देना होगा।
संदीप धीरणवास ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति बनी थी लेकिन इस संबंध में कोई लिखित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नोटिस का स्वागत करते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी देकर अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।