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Hisar News: तूफान ने मचाई तबाही, 24 घंटे से बिजली-पानी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:32 AM IST
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हांसी में ट्रैक्टर के माध्यम से पेड़ों को हटाते वन विभाग के कर्मचारी।
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हांसी। उपमंडल में मंगलवार देर शाम आए आंधी-तूफान व बारिश के चलते जिले में 584 बिजली के खंभे व 705 पेड़ गिरे। इस वजह से बुधवार को भी सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। शहर व कुछ गांवों में तूफान के 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति हुई। वहीं कई गांवों में अभी भी बिजली सप्लाई ठप है। वहीं बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल सप्लाई भी बंद है। इसके अलावा सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस प्राकृतिक आपदा की सबसे बड़ी मार बिजली निगम और वन विभाग पर पड़ी है। तूफान के गुजर जाने के 24 घंटे बाद भी पूरे शहर और ग्रामीण अंचल में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है, जिससे हांसी क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। तूफान की रफ्तार इतनी भयानक थी कि बिजली वितरण निगम का पूरा तंत्र बिखर गया।
शुरुआती आकलन के अनुसार जिले में 584 बिजली के खंभे जमींदोज हो गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान हांसी के ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है। नारनौंद में नुकसान बहुत कम है। इसके अलावा विभिन्न मुख्य चौराहों और खेतों में स्थापित 18 ट्रांसफार्मर भी पोल टूटने के कारण जमीन पर आ गिरे। हाई-टेंशन और लो-टेंशन लाइनों के पूरी तरह टूट जाने के कारण बिजली घर बंद हो गए।
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पिछले 24 घंटे से ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में मंगलवार देर रात को बिजली सप्लाई शुरू हो गई थी। लेकिन दयाल सिंह कॉलोनी स्थित 33केवी सब स्टेशन के अधीन आने वाले क्षेत्रों व गांवों में 24 घंटे के बाद बिजली सप्लाई बहाल हुई। वहीं ढाणी पीरावाली में अभी भी बिजली आपूर्ति ठप है।
अंधड़ के कारण वन विभाग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जिले के मुख्य मार्गों, संपर्क सड़कों और नहरों के किनारों पर लगे 705 विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, धराशायी हुए इन वृक्षों में सबसे ज्यादा संख्या सफेदे के पेड़ों की रही। सड़कों के बीचो-बीच पेड़ गिरने के कारण हांसी को जोड़ने वाले कई मुख्य रास्ते और हाईवे घंटों तक बाधित रहे, जिन्हें हटाने के लिए वन विभाग की टीमें दिनभर जुटी रही।
इस प्राकृतिक आपदा की सबसे बड़ी मार बिजली निगम और वन विभाग पर पड़ी है। तूफान के गुजर जाने के 24 घंटे बाद भी पूरे शहर और ग्रामीण अंचल में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है, जिससे हांसी क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। तूफान की रफ्तार इतनी भयानक थी कि बिजली वितरण निगम का पूरा तंत्र बिखर गया।
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शुरुआती आकलन के अनुसार जिले में 584 बिजली के खंभे जमींदोज हो गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान हांसी के ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है। नारनौंद में नुकसान बहुत कम है। इसके अलावा विभिन्न मुख्य चौराहों और खेतों में स्थापित 18 ट्रांसफार्मर भी पोल टूटने के कारण जमीन पर आ गिरे। हाई-टेंशन और लो-टेंशन लाइनों के पूरी तरह टूट जाने के कारण बिजली घर बंद हो गए।
पिछले 24 घंटे से ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में मंगलवार देर रात को बिजली सप्लाई शुरू हो गई थी। लेकिन दयाल सिंह कॉलोनी स्थित 33केवी सब स्टेशन के अधीन आने वाले क्षेत्रों व गांवों में 24 घंटे के बाद बिजली सप्लाई बहाल हुई। वहीं ढाणी पीरावाली में अभी भी बिजली आपूर्ति ठप है।
अंधड़ के कारण वन विभाग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जिले के मुख्य मार्गों, संपर्क सड़कों और नहरों के किनारों पर लगे 705 विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, धराशायी हुए इन वृक्षों में सबसे ज्यादा संख्या सफेदे के पेड़ों की रही। सड़कों के बीचो-बीच पेड़ गिरने के कारण हांसी को जोड़ने वाले कई मुख्य रास्ते और हाईवे घंटों तक बाधित रहे, जिन्हें हटाने के लिए वन विभाग की टीमें दिनभर जुटी रही।