{"_id":"6a665ca8110a80bb040af1a2","slug":"sulky-monsoon-so-far-this-month-rainfall-is-24-percent-less-hisar-news-c-21-hsr1005-917875-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: रूठा मानसून...इस माह में अब तक 24 प्रतिशत कम बरसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: रूठा मानसून...इस माह में अब तक 24 प्रतिशत कम बरसा पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। इस माह में प्रदेश में अब तक 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के 26 दिनों में प्रदेश में औसतन 126.3 एमएम बारिश होती है जबकि इस बार मानसून सीजन में अब तक 95.6 एमएम पानी ही बरसा है। यही नहीं प्रदेश के सिर्फ 7 जिलों में ही सामान्य और इससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है जबकि बाकी सभी जिलों में मानसून कमजोर ही रहा है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार मानसून में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बाढ़ वाले क्षेत्रों में सूखा और सूखे वाले क्षेत्र में बाढ़ आ रही है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होने वाले सिस्टम मानसून को मजबूत बनाते हैं लेकिन इस साल ये सिस्टम कम बन रहे हैं जिस कारण हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून कमजोर बना हुआ है।
मानसून टर्फ पहले उत्तर पश्चिमी राज्यों से होकर गुजरती थी जो अब कुछ वर्षों से पूर्वी राज्यों से मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान से होकर गुजर रही है। इससे मध्य प्रदेश, गुजरात व राजस्थान में बाढ़ और बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश में सूखे की परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। पश्चिम विक्षोभ पहले शीत ऋतु में ज्यादा सक्रिय होते थे लेकिन अब साल भर सक्रिय होते हैं।
विज्ञापन
आगे ऐसा रहेगा मौसम
27 जुलाई रात को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान से गुजर रही मानसून टर्फ हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली की ओर बढ़ सकती है। 27 जुलाई रात से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में हल्की बारिश हो सकती है। 28 से 30 जुलाई के दौरान उत्तरी जिलों में अति भारी बारिश और करनाल, पानीपत व सोनीपत में मूसलाधार बारिश की संभावना है। रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार मानसून में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बाढ़ वाले क्षेत्रों में सूखा और सूखे वाले क्षेत्र में बाढ़ आ रही है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होने वाले सिस्टम मानसून को मजबूत बनाते हैं लेकिन इस साल ये सिस्टम कम बन रहे हैं जिस कारण हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून कमजोर बना हुआ है।
विज्ञापन
मानसून टर्फ पहले उत्तर पश्चिमी राज्यों से होकर गुजरती थी जो अब कुछ वर्षों से पूर्वी राज्यों से मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान से होकर गुजर रही है। इससे मध्य प्रदेश, गुजरात व राजस्थान में बाढ़ और बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश में सूखे की परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। पश्चिम विक्षोभ पहले शीत ऋतु में ज्यादा सक्रिय होते थे लेकिन अब साल भर सक्रिय होते हैं।
विज्ञापन
आगे ऐसा रहेगा मौसम
27 जुलाई रात को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान से गुजर रही मानसून टर्फ हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली की ओर बढ़ सकती है। 27 जुलाई रात से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में हल्की बारिश हो सकती है। 28 से 30 जुलाई के दौरान उत्तरी जिलों में अति भारी बारिश और करनाल, पानीपत व सोनीपत में मूसलाधार बारिश की संभावना है। रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।