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Hisar News: यह स्कूल है, दारू का अड्डा नहीं मिर्जापुर स्कूल का वीडियो वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:24 AM IST
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हिसार। मिर्जापुर स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल की बदहाल व्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में स्कूल के विद्यार्थी परिसर में फैली गंदगी और रात के समय असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई के बजाय सुबह उन्हें शराब के डिस्पोजल और गंदगी देखने को मिलती है।
वीडियो में विद्यार्थियों ने बताया कि रात के समय कुछ शरारती तत्व स्कूल परिसर में घुस आते हैं। वे यहां बैठकर नशा करते हैं, जुआ खेलते हैं, धूम्रपान करते हैं और परिसर में ही शौच कर गंदगी फैला देते हैं। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचते हैं तो जगह-जगह कचरा और गंदगी पड़ी मिलती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। बच्चों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पढ़ाई का स्थान है, कोई दारू का अड्डा नहीं।
स्कूल के प्राचार्य राजकुमार ने बताया कि पहले स्कूल की बाउंड्री वॉल ठीक थी, लेकिन सड़क ऊंची होने के कारण अब दीवारें नीची लगने लगी हैं और लोग आसानी से दीवार फांदकर स्कूल परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की खिड़कियां टूटी हुई हैं और दरवाजे भी कंडम हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है।
प्राचार्य के अनुसार असामाजिक तत्वों के आने के कारण हर दो-तीन दिन में परिसर में शराब पीने के बाद फेंके गए डिस्पोजल गिलास और अन्य कचरा मिलता है। इसके अलावा परिसर में गंदगी भी फैली रहती है, जिसे स्कूल स्तर पर ही साफ करवाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाओं और कर्मचारियों की भी कमी है। सफाई कर्मचारी न होने के कारण कई बार मिड-डे मील कर्मचारियों से ही सफाई का काम करवाना पड़ता है।
प्राचार्य ने बताया कि इस समस्या को लेकर एसएमसी कमेटी, गांव के सरपंच और शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। विभाग को लिखित शिकायत भी भेजी गई है। एसएमसी की बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।
वीडियो में विद्यार्थियों ने बताया कि रात के समय कुछ शरारती तत्व स्कूल परिसर में घुस आते हैं। वे यहां बैठकर नशा करते हैं, जुआ खेलते हैं, धूम्रपान करते हैं और परिसर में ही शौच कर गंदगी फैला देते हैं। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचते हैं तो जगह-जगह कचरा और गंदगी पड़ी मिलती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। बच्चों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पढ़ाई का स्थान है, कोई दारू का अड्डा नहीं।
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स्कूल के प्राचार्य राजकुमार ने बताया कि पहले स्कूल की बाउंड्री वॉल ठीक थी, लेकिन सड़क ऊंची होने के कारण अब दीवारें नीची लगने लगी हैं और लोग आसानी से दीवार फांदकर स्कूल परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की खिड़कियां टूटी हुई हैं और दरवाजे भी कंडम हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है।
प्राचार्य के अनुसार असामाजिक तत्वों के आने के कारण हर दो-तीन दिन में परिसर में शराब पीने के बाद फेंके गए डिस्पोजल गिलास और अन्य कचरा मिलता है। इसके अलावा परिसर में गंदगी भी फैली रहती है, जिसे स्कूल स्तर पर ही साफ करवाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाओं और कर्मचारियों की भी कमी है। सफाई कर्मचारी न होने के कारण कई बार मिड-डे मील कर्मचारियों से ही सफाई का काम करवाना पड़ता है।
प्राचार्य ने बताया कि इस समस्या को लेकर एसएमसी कमेटी, गांव के सरपंच और शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। विभाग को लिखित शिकायत भी भेजी गई है। एसएमसी की बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।