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Jhajjar-Bahadurgarh News: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शांति और एकता का संदेश
Fri, 14 Aug 2026 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 14 Aug 2026 05:44 PM IST
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फोटो-56: वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं व स्टाफ। स्रोत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, आउटरीच सेल एवं रोड सेफ्टी सेल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई तथा विस्थापित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और साहस को याद किया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करना पड़ा और अनेक परिवार बिछड़ गए। विद्यार्थियों को इतिहास से सीख लेकर शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रेम बंसल ने सभी को शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष व बलिदान को याद किया। प्राचार्या डॉ. राजवंती शर्मा ने कहा कि इतिहास को स्मरण करने का उद्देश्य बेहतर भविष्य का निर्माण करना है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा नैन ने युवाओं से विभाजन के मानवीय पक्ष को समझने का आह्वान किया। अंत में विद्यार्थियों ने शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
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बहादुरगढ़। वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, आउटरीच सेल एवं रोड सेफ्टी सेल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई तथा विस्थापित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और साहस को याद किया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करना पड़ा और अनेक परिवार बिछड़ गए। विद्यार्थियों को इतिहास से सीख लेकर शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रेम बंसल ने सभी को शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष व बलिदान को याद किया। प्राचार्या डॉ. राजवंती शर्मा ने कहा कि इतिहास को स्मरण करने का उद्देश्य बेहतर भविष्य का निर्माण करना है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा नैन ने युवाओं से विभाजन के मानवीय पक्ष को समझने का आह्वान किया। अंत में विद्यार्थियों ने शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
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