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Jhajjar-Bahadurgarh News: जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर 18 कर्मचारियों पर होगी एफआईआर
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सोनीपत। नगर निगम प्रशासन ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी हर्षित कुमार ने जनगणना ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने अथवा ड्यूटी करने से इंकार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा है। प्रशासन की ओर से पुलिस को भेजे गए पत्र में 18 कर्मियों के गैरहाजिर रहने की जानकारी दी गई है।
आयुक्त की तरफ से यह पत्र पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नियुक्त कुछ कर्मचारी बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से गैरहाजिर हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें समय-समय पर निर्देश जारी किए गए और ड्यूटी ज्वाइन करने के पर्याप्त अवसर भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने आदेशों की पालना नहीं की। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की इस उदासीनता के कारण जनगणना कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
जनगणना अधिनियम का उल्लंघन
आयुक्त हर्षित कुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य केंद्र सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है और इसमें लापरवाही बरतना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
शीघ्र कार्रवाई की अनुशंसा
नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता जताई है, ताकि जनगणना कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
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हाउस वेरिफिकेशन के कार्य निर्धारित समय सीमा में गंभीरता से करें पूरा : डीसी
-उपायुक्त ने बैठक लेकर जारी किए निर्देश
फोटो 02:
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जनगणना-2027 के प्रथम चरण में चल रहे मकान वेरिफिकेशन कार्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने रविवार को संबंधित अधिकारियों के लघु सचिवालय में बैठक हुई बैठक में कहा कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत जिले में चल रहे मकान सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे तय समय में पूरा करें।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत घरों, परिवारों तथा बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी जानकारी सही ढंग से दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का कार्य 30 मई तक हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने जिलावासियों से भी जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करने और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।
आयुक्त की तरफ से यह पत्र पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नियुक्त कुछ कर्मचारी बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से गैरहाजिर हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें समय-समय पर निर्देश जारी किए गए और ड्यूटी ज्वाइन करने के पर्याप्त अवसर भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने आदेशों की पालना नहीं की। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की इस उदासीनता के कारण जनगणना कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
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जनगणना अधिनियम का उल्लंघन
आयुक्त हर्षित कुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य केंद्र सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है और इसमें लापरवाही बरतना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
शीघ्र कार्रवाई की अनुशंसा
नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता जताई है, ताकि जनगणना कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
हाउस वेरिफिकेशन के कार्य निर्धारित समय सीमा में गंभीरता से करें पूरा : डीसी
-उपायुक्त ने बैठक लेकर जारी किए निर्देश
फोटो 02:
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जनगणना-2027 के प्रथम चरण में चल रहे मकान वेरिफिकेशन कार्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने रविवार को संबंधित अधिकारियों के लघु सचिवालय में बैठक हुई बैठक में कहा कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत जिले में चल रहे मकान सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे तय समय में पूरा करें।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत घरों, परिवारों तथा बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी जानकारी सही ढंग से दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का कार्य 30 मई तक हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने जिलावासियों से भी जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करने और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।