{"_id":"69cd81c84df151231a001002","slug":"helpless-parents-are-forced-to-buy-uniforms-and-books-from-wherever-the-school-tells-them-to-jhajjar-bahadurgarh-news-c-17-roh1020-833210-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: जहां से विद्यालय ने कहा, वहीं से ड्रेस और किताब खरीदने को बेबस अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: जहां से विद्यालय ने कहा, वहीं से ड्रेस और किताब खरीदने को बेबस अभिभावक
विज्ञापन
16-रोहतक के डीएलएफ कॉलोनी में एक दुकान पर ड्रेस खरीदते अभिभावक। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। निजी विद्यालयों में दाखिला पाने वाले बच्चों के अभिभावकों को विद्यालय प्रबंधक अपने परिचितों से ही किताब और ड्रेस खरीदने का आग्रह कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी विद्यालय अपने कमीशनखोर विक्रेताओं से ड्रेस खरीदने के लिए भेज रहे हैं जहां पूरे सेट के साथ महंगी-महंगी ड्रेस बेची जा रही है।
नए शैक्षणिक सत्र पर राजकीय व गैर राजकीय विद्यालयों में दाखिला प्रकिया तेज है। इसी बीच निजी विद्यालयों की मनमानी से अभिभावक लाचार है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले दुकान का नाम लेकर किताब, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदने के लिए कह रहे हैं। अभिभावक वहां पहुंचते हैं तो डिस्काउंट का लालच देकर भी काफी रकम वसूली जा रही है।
जगदीश कॉलोनी निवासी गाेविंद बल्हारा ने कहा कि निजी विद्यालयों ने अपना रैकेट बना रखा है। निजी प्रकाशकों व ड्रेस विक्रेताओं से समझौता करके मनमाने दाम की लूट मचा रहे हैं। अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन के कहने पर हर गतिविधि करनी पड़ रही है। ड्रेस का भी 6 हजार रुपये तक खर्च बना रहे हैं। कुछ विद्यालय तो हर साल ड्रेस बदल देते हैं।
-- -- -- --
वर्जन
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद कराने व निजी स्कूलों की दाखिला गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोई निजी विद्यालय अभिभावकों से फीस व किताबों के नाजायज शुल्क लेते हैं तो कार्रवाई होगी। -मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
-- -- -- -
फोटो : 17
11वीं व 12वीं कक्षा में बच्चों को दाखिला करवाया है लेकिन मांग अनुसार की हर चीज खरीदनी पड़ रही है। ड्रेस भी विद्यालयों के कमीशनखोरों से खरीदने को बेबस हैं। -प्रवीन कंसल, अभिभावक आंवल।
-- -- -- -
फोटो : 18
निजी विद्यालयों की मनमानी को लेकर लगातार मांग उठा रहे हैं। सरकार प्राइवेट स्कूलों की ओर ध्यान ज्यादा दे रही जबकि सरकारी विद्यालयों को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। -देवेंद्र अटकान, महासचिव, अभिभावक संघ, राजीव नगर।
-- -- --
फोटो : 19
निजी विद्यालयों में बिना लोगो की ड्रेस पर फाइन तक लगा देते हैं। अपने परिचित विक्रेताओं से ही ड्रेस व किताब खरीदने का आह्वान करते हैं। -नीरज कुमार, अभिभावक, सुनारियां चौक।
Trending Videos
नए शैक्षणिक सत्र पर राजकीय व गैर राजकीय विद्यालयों में दाखिला प्रकिया तेज है। इसी बीच निजी विद्यालयों की मनमानी से अभिभावक लाचार है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले दुकान का नाम लेकर किताब, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदने के लिए कह रहे हैं। अभिभावक वहां पहुंचते हैं तो डिस्काउंट का लालच देकर भी काफी रकम वसूली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगदीश कॉलोनी निवासी गाेविंद बल्हारा ने कहा कि निजी विद्यालयों ने अपना रैकेट बना रखा है। निजी प्रकाशकों व ड्रेस विक्रेताओं से समझौता करके मनमाने दाम की लूट मचा रहे हैं। अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन के कहने पर हर गतिविधि करनी पड़ रही है। ड्रेस का भी 6 हजार रुपये तक खर्च बना रहे हैं। कुछ विद्यालय तो हर साल ड्रेस बदल देते हैं।
वर्जन
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद कराने व निजी स्कूलों की दाखिला गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोई निजी विद्यालय अभिभावकों से फीस व किताबों के नाजायज शुल्क लेते हैं तो कार्रवाई होगी। -मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
फोटो : 17
11वीं व 12वीं कक्षा में बच्चों को दाखिला करवाया है लेकिन मांग अनुसार की हर चीज खरीदनी पड़ रही है। ड्रेस भी विद्यालयों के कमीशनखोरों से खरीदने को बेबस हैं। -प्रवीन कंसल, अभिभावक आंवल।
फोटो : 18
निजी विद्यालयों की मनमानी को लेकर लगातार मांग उठा रहे हैं। सरकार प्राइवेट स्कूलों की ओर ध्यान ज्यादा दे रही जबकि सरकारी विद्यालयों को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। -देवेंद्र अटकान, महासचिव, अभिभावक संघ, राजीव नगर।
फोटो : 19
निजी विद्यालयों में बिना लोगो की ड्रेस पर फाइन तक लगा देते हैं। अपने परिचित विक्रेताओं से ही ड्रेस व किताब खरीदने का आह्वान करते हैं। -नीरज कुमार, अभिभावक, सुनारियां चौक।

16-रोहतक के डीएलएफ कॉलोनी में एक दुकान पर ड्रेस खरीदते अभिभावक। संवाद

16-रोहतक के डीएलएफ कॉलोनी में एक दुकान पर ड्रेस खरीदते अभिभावक। संवाद

16-रोहतक के डीएलएफ कॉलोनी में एक दुकान पर ड्रेस खरीदते अभिभावक। संवाद