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Jhajjar-Bahadurgarh News: उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को दिए चोरी हुए वाहन की राशि देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:40 AM IST
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झज्जर। उपभोक्ता फोरम ने वाहन चोरी के मामले में पीड़ित को बीमा राशि देने के आदेश जारी किए हैं। डावला निवासी भागीरथ ने 10 मार्च 2021 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी उसने ट्रक ऋण पर लिया था। 21 मई 2019 से 20 मई 2020 तक बीमा करवाया था, जिसका घोषित मूल्य 36 लाख रुपये था।
उसने बताया कि उसका वाहन 29-30 दिसंबर 2019 की रात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया। इसकी सूचना 30 दिसंबर 2019 को सुबह नौ बजे दर्ज कराई गई थी। जांच एजेंसी ने मामले की जांच की और तीन जनवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसी वाहन का पता नहीं लगा सकी और अनट्रेस रिपोर्ट दायर की।
रिपोर्ट न्यायालय ने 12 दिसंबर 2020 के आदेश द्वारा स्वीकार कर लिया। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी के पास चोरी का दावा भी दायर किया था, लेकिन बीमा कंपनी ने बिना किसी उचित कारण के इसे अस्वीकार कर दिया। इस मामले की उपभोक्ता फोरम के प्रधान डॉ. शहाबुदीन, सदस्य श्रीनिवास खुंडियास, सदस्य वीना रानी ने सुनवाई की।
फोरम ने माना कि यह बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी है। फोरम ने आदेश दिए कि बीमा कंपनी वाहन की राशि छत्तीस लाख का भुगतान इस शिकायत दर्ज करने की तारीख यानी 10 मार्च 2021 से वास्तविक भुगतान होने तक 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की साधारण ब्याज दर से करें।
फोरम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत शिकायतकर्ता के पक्ष में इस शर्त पर दी जाती है कि वह आज से 40 दिनों के भीतर विपक्षी पार्टी नंबर-दो के पक्ष में जमानत बांड, क्षतिपूर्ति बांड और सब्रोगेशन पत्र जमा करे। साथ ही यदि उपलब्ध हो तो वाहन की दोनों मूल चाबियां भी सौंप दे।
शिकायतकर्ता को आज से 40 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी से विपक्षी पार्टी नंबर-दो के पक्ष में वाहन की आरसी एंडोर्स करवाने का भी निर्देश दिए गए हैं। ये शर्तें इसलिए लगाई गई हैं ताकि भविष्य में, यदि वाहन बाद में मिल जाता है तो उसका अनाधिकृत रूप से उपयोग न किया जाए।
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उसने बताया कि उसका वाहन 29-30 दिसंबर 2019 की रात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया। इसकी सूचना 30 दिसंबर 2019 को सुबह नौ बजे दर्ज कराई गई थी। जांच एजेंसी ने मामले की जांच की और तीन जनवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसी वाहन का पता नहीं लगा सकी और अनट्रेस रिपोर्ट दायर की।
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रिपोर्ट न्यायालय ने 12 दिसंबर 2020 के आदेश द्वारा स्वीकार कर लिया। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी के पास चोरी का दावा भी दायर किया था, लेकिन बीमा कंपनी ने बिना किसी उचित कारण के इसे अस्वीकार कर दिया। इस मामले की उपभोक्ता फोरम के प्रधान डॉ. शहाबुदीन, सदस्य श्रीनिवास खुंडियास, सदस्य वीना रानी ने सुनवाई की।
फोरम ने माना कि यह बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी है। फोरम ने आदेश दिए कि बीमा कंपनी वाहन की राशि छत्तीस लाख का भुगतान इस शिकायत दर्ज करने की तारीख यानी 10 मार्च 2021 से वास्तविक भुगतान होने तक 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की साधारण ब्याज दर से करें।
फोरम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत शिकायतकर्ता के पक्ष में इस शर्त पर दी जाती है कि वह आज से 40 दिनों के भीतर विपक्षी पार्टी नंबर-दो के पक्ष में जमानत बांड, क्षतिपूर्ति बांड और सब्रोगेशन पत्र जमा करे। साथ ही यदि उपलब्ध हो तो वाहन की दोनों मूल चाबियां भी सौंप दे।
शिकायतकर्ता को आज से 40 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी से विपक्षी पार्टी नंबर-दो के पक्ष में वाहन की आरसी एंडोर्स करवाने का भी निर्देश दिए गए हैं। ये शर्तें इसलिए लगाई गई हैं ताकि भविष्य में, यदि वाहन बाद में मिल जाता है तो उसका अनाधिकृत रूप से उपयोग न किया जाए।