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Jind News: फर्जी दस्तावेज से नाबालिग साबित करने की कोशिश, दो दोषियों को कारावास
Sat, 11 Jul 2026 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 11 Jul 2026 12:42 AM IST
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नरवाना। दुष्कर्म के आरोपी को नाबालिग साबित कर न्यायालय को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला वर्ष 2016 में थाना सदर नरवाना में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार वर्ष 2015 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि राजगढ़ निवासी दीप ने उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया और जातिसूचक शब्द कहे। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए उसके परिजनों ने फर्जी जन्म प्रमाण, राशन कार्ड समेत अन्य कागज अदालत में पेश कर दिए। जांच में पुलिस ने संबंधित विभागों से मूल रिकॉर्ड मंगवाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया। गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर शमशेर और राजकुमार निवासी राजगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने पुलिस की जांच और लोक अभियोजक सुरेंद्र खटकड़ की पैरवी के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष तक के कठोर कारावास और 45-45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने कहा कि न्याय प्रक्रिया को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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मामला वर्ष 2016 में थाना सदर नरवाना में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार वर्ष 2015 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि राजगढ़ निवासी दीप ने उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया और जातिसूचक शब्द कहे। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए उसके परिजनों ने फर्जी जन्म प्रमाण, राशन कार्ड समेत अन्य कागज अदालत में पेश कर दिए। जांच में पुलिस ने संबंधित विभागों से मूल रिकॉर्ड मंगवाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया। गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
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जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर शमशेर और राजकुमार निवासी राजगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने पुलिस की जांच और लोक अभियोजक सुरेंद्र खटकड़ की पैरवी के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष तक के कठोर कारावास और 45-45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने कहा कि न्याय प्रक्रिया को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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