{"_id":"6a51443e5bc8c0e4a10c3c77","slug":"nipun-mission-is-the-foundation-for-the-holistic-development-of-children-rajesh-vashishth-jind-news-c-199-1-sroh1006-156506-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है निपुण मिशन : राजेश वशिष्ठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है निपुण मिशन : राजेश वशिष्ठ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के क्रियान्वयन और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) गतिविधियों की समीक्षा के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं। यह बैठक जिले के सभी 60 क्लस्टरों में 16 जुलाई तक होंगी। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण मिशन केवल भाषा और गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है।
शुक्रवार को खंड अहिरका में आयोजित बैठक का जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने अवलोकन किया। अध्यक्षता क्लस्टर हेड सुरेंद्र गौड़ ने की, जबकि एबीआरसी राजबीर ने सचिव की भूमिका निभाई। पिछले माह संचालित एफएलएन गतिविधियों की समीक्षा की गई। राज्य सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना की जानकारी शिक्षकों को दी गई।
विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों के लर्निंग लेवल, कक्षा-वार निपुण बच्चों की संख्या और भाषा और गणना संबंधी दक्षताओं पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों की सूची तैयार करने, अधिक से अधिक अभिभावकों को निपुण पेरेंट्स एप से जोड़ने तथा कक्षा-कक्षों में प्रिंट-रिच वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
शिक्षकों ने गतिविधि-आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने में बढ़ी रुचि और बेहतर सहभागिता के अनुभव साझा किए। जिले के सभी खंडों में आयोजित सीपीआईयू बैठकों का वे स्वयं अवलोकन करेंगे, ताकि विद्यालय स्तर की समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। अंत में मुख्य शिक्षकों ने अपने विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी माह में एफएलएन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
वहीं जिला समन्वयक, एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने कहा कि नियमित समीक्षा, शिक्षकों के साथ सतत संवाद और प्रभावी निगरानी से मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकेगा।
विज्ञापन
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के क्रियान्वयन और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) गतिविधियों की समीक्षा के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं। यह बैठक जिले के सभी 60 क्लस्टरों में 16 जुलाई तक होंगी। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने कहा कि निपुण मिशन केवल भाषा और गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है।
शुक्रवार को खंड अहिरका में आयोजित बैठक का जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने अवलोकन किया। अध्यक्षता क्लस्टर हेड सुरेंद्र गौड़ ने की, जबकि एबीआरसी राजबीर ने सचिव की भूमिका निभाई। पिछले माह संचालित एफएलएन गतिविधियों की समीक्षा की गई। राज्य सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना की जानकारी शिक्षकों को दी गई।
विज्ञापन
विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों के लर्निंग लेवल, कक्षा-वार निपुण बच्चों की संख्या और भाषा और गणना संबंधी दक्षताओं पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों की सूची तैयार करने, अधिक से अधिक अभिभावकों को निपुण पेरेंट्स एप से जोड़ने तथा कक्षा-कक्षों में प्रिंट-रिच वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन
शिक्षकों ने गतिविधि-आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने में बढ़ी रुचि और बेहतर सहभागिता के अनुभव साझा किए। जिले के सभी खंडों में आयोजित सीपीआईयू बैठकों का वे स्वयं अवलोकन करेंगे, ताकि विद्यालय स्तर की समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। अंत में मुख्य शिक्षकों ने अपने विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी माह में एफएलएन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
वहीं जिला समन्वयक, एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने कहा कि नियमित समीक्षा, शिक्षकों के साथ सतत संवाद और प्रभावी निगरानी से मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकेगा।