{"_id":"6984e2c5c91521555d092b5a","slug":"drug-addiction-is-a-serious-challenge-for-society-dr-rajesh-bansal-jind-news-c-199-1-jnd1010-148064-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती : डॉ. राजेश बंसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती : डॉ. राजेश बंसल
विज्ञापन
05जेएनडी15: नशा मुक्ति सेमिनार में मौजूद विद्यार्थी और अन्य। स्रोत विवि
विज्ञापन
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में वीरवार को युवा रेड क्रॉस प्रकोष्ठ की तरफ से नशा मुक्ति विषय पर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग 100 रेड क्रॉस स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसका सबसे अधिक शिकार युवा वर्ग हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय का दायित्व केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों को सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर अनुशासित जीवन मूल्यों से जोड़ना भी है।
मुख्य वक्ता के रूप में डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश पांचाल ने नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नष्ट करता है बल्कि पूरे परिवार को मानसिक व आर्थिक रूप से तोड़ देता है।
वहीं, मनोवैज्ञानिक नरेश जगलान ने नशे की प्रवृत्ति के मानसिक कारणों और सकारात्मक सोच के माध्यम से इससे बाहर निकलने के उपायों पर प्रकाश डाला।
मौके पर युवा रेड क्रॉस सचिव राम जी लाल, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. कुलदीप नारा, डॉ. रोहित और डॉ. मंजू सुहाग और जिला रेड क्रॉस सोसायटी की टीम उपस्थित रही। मंच संचालन डॉ. पारुल और हिमेश ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
Trending Videos
मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसका सबसे अधिक शिकार युवा वर्ग हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय का दायित्व केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों को सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर अनुशासित जीवन मूल्यों से जोड़ना भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य वक्ता के रूप में डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश पांचाल ने नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नष्ट करता है बल्कि पूरे परिवार को मानसिक व आर्थिक रूप से तोड़ देता है।
वहीं, मनोवैज्ञानिक नरेश जगलान ने नशे की प्रवृत्ति के मानसिक कारणों और सकारात्मक सोच के माध्यम से इससे बाहर निकलने के उपायों पर प्रकाश डाला।
मौके पर युवा रेड क्रॉस सचिव राम जी लाल, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. कुलदीप नारा, डॉ. रोहित और डॉ. मंजू सुहाग और जिला रेड क्रॉस सोसायटी की टीम उपस्थित रही। मंच संचालन डॉ. पारुल और हिमेश ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
