Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Jind News
›
A national seminar on science was held at K.M. Government College in Narwana, Jind, where discussions took place on sustainable development.
{"_id":"6985ca6670ef07f31a0f0987","slug":"video-a-national-seminar-on-science-was-held-at-km-government-college-in-narwana-jind-where-discussions-took-place-on-sustainable-development-2026-02-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद के नरवाना में के.एम. राजकीय महाविद्यालय नरवाना में विज्ञान पर राष्ट्रीय सेमिनार, सतत विकास पर हुआ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद के नरवाना में के.एम. राजकीय महाविद्यालय नरवाना में विज्ञान पर राष्ट्रीय सेमिनार, सतत विकास पर हुआ मंथन
के.एम. राजकीय महाविद्यालय नरवाना में विज्ञान विभाग एवं हरियाणा उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान विषय पर हाइब्रिड मोड में एकदिवसीय अंतर्विषयक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का मुख्य विषय “साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” रहा। कार्यक्रम में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. सैनी ने कहा कि विज्ञान और तकनीक का सही उपयोग तभी सार्थक है, जब उनका प्रयोग समस्याओं की पहचान और समाधान के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कृषि, प्रदूषण, पेयजल और ऊर्जा जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए आधुनिक व स्वच्छ तकनीकों, ऑर्गेनिक खेती और कम रासायनिक उपयोग पर जोर दिया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीनू सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में विज्ञान विभाग द्वारा यह पहला राष्ट्रीय सेमिनार है। उन्होंने कहा कि भारत में विज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है और आज जरूरत स्थायी विकास की सोच को अपनाने की है। सेमिनार के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों व वैज्ञानिकों ने अपने विचार रखे। सीएसआईआर की पूर्व निदेशक डॉ. रंजना अग्रवाल ने भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा पर प्रकाश डाला। पंजाब विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. रमेश कटारिया ने भारी धातु प्रदूषण, जबकि वाईएमसीए फरीदाबाद के प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने औषधीय रसायन पर चर्चा की। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक भौतिकी की भूमिका पर विचार रखे। ऑनलाइन सत्रों में नैनो टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी व्याख्यान हुए। सेमिनार में कुल 246 प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंत में संयोजिका प्रो. मुकेश कुमारी ने सभी का आभार जताया। मंच संचालन प्रो. राजेश श्योकंद ने किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।