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Celebrations of Shivaratri courtyard of Baba Mahakal, festival worship of Koteshwar Mahadev.
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Ujjain News: बाबा महाकाल के आंगन में आज से शिवरात्रि का उल्लास, कोटेश्वर महादेव के पूजन से शुरू होगा उत्सव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 06 Feb 2026 10:28 AM IST
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विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि उत्सव का प्रारंभ आज 6 फरवरी 2026 से हो रहा है। प्रतिवर्ष होने वाले शिवनवरात्रि महोत्सव 2026 में दस दिनों तक प्रतिदिन भगवान श्री महाकालेश्वर जी अपने भक्तों को अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे। इस वर्ष हिंदू पंचांग अनुसार तिथि में वृद्धि होने के कारण 10 दिवसीय शिव नवरात्रि उत्सव मनाया जाएगा।महाशिवरात्रि महापर्व 2026 की तैयारियां श्री महाकालेश्ववर मंदिर में लगभग पूर्णता की ओर है। महाशिवरात्रि महापर्व पर सम्पूर्ण भारतवर्ष से लाखों भक्त भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन के लिये उज्जैन आएंगे। आज फाल्गुन कृष्ण पंचमी 6 फरवरी से शिव नवरात्रि उत्सव प्रारम्भ होगा और महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जायेगा।
भगवान श्री महाकालेश्वर जी और श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का नित्य विशेष अभिषेक और पूजन किया जायेगा। कोटेश्वर महादेव के पूजन एवं आरती के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक प्रारम्भ होगा। श्री महाकालेश्वर भगवान का पूजन 11 ब्राह्मणों द्वारा एकादश एकादशनी रूद्राभिषेक से सम्पूर्ण शिव नवरात्रि के दौरान किया जायेगा। भगवान श्री महाकालेश्वर जी को केसर-चन्दन का उबटन लगाया जाएगा। इसके बाद भोग आरती होगी।
आज दोपहर 3 बजे से भगवान महाकालेश्वर के सांध्य पूजन के पश्चात शृंगार किया जायेगा। यह क्रम आज 6 फरवरी के 14 फरवरी शिव नवरात्रि तक नित्य चलेगा।15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि पर्व पर सम्पूर्ण दिवस सतत जल धारा से श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक होगा व सम्पूर्ण रात्रि श्री महाकालेश्वर भगवान की विशेष महा पूजन-अभिषेक होगे। 16 फरवरी को महाशिवरात्रि के दूसरे दिन प्रातः भगवान के सप्तधान शृंगार व सवामन पुष्प मुकुट (सेहरा) दर्शन होगे व सेहरा आरती की जायेगी। वर्ष में एक बार दोपहर 12 बजे होने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर जी की भस्म आरती होगी। इस दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान के पट लगभग 44 घंटे खुले रहेंगे। 18 फरवरी बुधवार को सायं पूजन से शयन आरती तक भगवान श्री महाकालेश्वर के पञ्च मुखारविन्द के दर्शन होंगे। इसके साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि उत्सव का समापन होगा।
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