कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में हुई जातीय हिंसा को लेकर बिहार विधानसभा में हंगामे के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। घटना के करीब पांच दिन बाद गुरुवार देर शाम डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने दोनों पक्ष के लोगों से मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली।
एसआईटी का गठन, गलत नाम हटेंगे
मौके पर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसडीपीओ बिरौल के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआईटी) बना दी गई है। उन्होंने साफ कहा कि पूरे गांव के ब्राह्मण समाज पर एफआईआर दर्ज होने की बात गलत और भ्रामक है। जांच में जिन लोगों के नाम गलत तरीके से दर्ज हुए हैं, उन्हें एफआईआर से हटाया जाएगा और जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों हेमकांत झा और श्रीनाथ झा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है विवाद की जड़
दलित पक्ष के कैलाश पासवान की पत्नी मंजू देवी ने बताया कि मकान बनाने की मजदूरी के करीब ढाई लाख रुपये हेमंत झा पर पिछले आठ साल से बकाया थे। इसके लिए कई बार गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन बात नहीं बनी। 30 जनवरी को कैलाश पासवान पैसा मांगने गए तो उनके साथ मारपीट की गई। वहीं, हेमंत झा की मां प्रमिला देवी का कहना है कि पैसा को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन हर बार पंचायत की बात होती थी। उनका आरोप है कि घटना वाले दिन पहले कैलाश पासवान के लोगों ने उनके बेटे को पकड़कर पीटा। झगड़ा छुड़ाने गए उनके दामाद और भतीजे की भी पिटाई हुई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों से डर के कारण गांव में ब्राह्मण समाज के पुरुष नहीं रह पा रहे हैं, दुकानें बंद हैं और सामान मिलना मुश्किल हो गया है।
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गांव में पुलिस तैनात, हालात पर नजर
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि हरिनगर गांव में एसडीपीओ के नेतृत्व में 24 घंटे पुलिस की तैनाती कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पैसे के लेन-देन को लेकर दो लोगों के बीच हुआ झगड़ा धीरे-धीरे जातीय हिंसा का रूप ले बैठा। हरिनगर एक बड़ा गांव है, जहां ब्राह्मण समाज की आबादी करीब तीन हजार है। जिन लोगों के नाम गलत तरीके से एफआईआर में आए हैं, जांच के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।