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Jind News: कृषि के साथ पशुपालन से करसोला गांव के किसानों की बढ़ी आय
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8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद
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जुलाना। कृषि के साथ पशुपालन को रोजगार का जरिया बनाकर करसोला गांव के किसान आर्थिक मजबूती की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। कृषि प्रधान इस गांव में पशुपालन अब आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। आधुनिक तकनीकों, बेहतर नस्ल के पशुओं और वैज्ञानिक प्रबंधन के बल पर पशुपालक अपनी आय में लगातार वृद्धि कर रहे हैं।
गांव के सरकारी पशु अस्पताल के चिकित्सकों के मार्गदर्शन और समय-समय पर मिलने वाली तकनीकी सलाह का किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार व्यवस्था के कारण दूध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे पशुपालकों की आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
करसोला के कई पशुपालकों के पास उच्च नस्ल की भैंसें हैं जिनकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंचती है। गांव की कई भैंसों ने जिला स्तरीय दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
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पशुपालकों का कहना है कि खेती के साथ पशुपालन अपनाने से उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। गांव के युवाओं में भी पशुपालन के प्रति रुचि बढ़ रही है। कई युवा इसे लाभकारी व्यवसाय मानकर आधुनिक डेयरी फार्मिंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
पशुपालकों का मानना है कि यदि उन्हें सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग का लाभ लगातार मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में करसोला क्षेत्र पशुपालन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है।
पशुपालक आधुनिक तकनीक को अपनाकर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं
वर्जन
पशुओं के स्वास्थ्य और बेहतर नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को नियमित रूप से तकनीकी सलाह और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जिससे पशुपालन का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। -डाॅ दीपक, पशु रोग विशेषज्ञ।
हमने आधुनिक तरीके अपनाकर पशुओं की देखभाल शुरू की है। इससे दूध उत्पादन बढ़ा है और परिवार की आय में भी अच्छा इजाफा हुआ है। -बस्ती राम, पशुपालक
पहले पशुपालन केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित था लेकिन अब यह आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। गांव के पशुपालक जिले भर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। -मोहित लाठर युवा पशुपालक।
बाक्स
गांव के पशुपालक मेहनत और आधुनिक तकनीकों के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पशुपालन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। पंचायत भी पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं और जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। -तुषार लाठर ग्रामीण।
फोटो कैप्शन:
8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद
8 जुलाना 02: डॉ दीपक।
8 जुलाना 03: बस्तीराम शर्मा।
8 जुलाना 04: मोहित कुमार।
8 जुलाना 05: तुषार लाठर।
गांव के सरकारी पशु अस्पताल के चिकित्सकों के मार्गदर्शन और समय-समय पर मिलने वाली तकनीकी सलाह का किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार व्यवस्था के कारण दूध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे पशुपालकों की आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
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करसोला के कई पशुपालकों के पास उच्च नस्ल की भैंसें हैं जिनकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंचती है। गांव की कई भैंसों ने जिला स्तरीय दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
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पशुपालकों का कहना है कि खेती के साथ पशुपालन अपनाने से उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। गांव के युवाओं में भी पशुपालन के प्रति रुचि बढ़ रही है। कई युवा इसे लाभकारी व्यवसाय मानकर आधुनिक डेयरी फार्मिंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
पशुपालकों का मानना है कि यदि उन्हें सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग का लाभ लगातार मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में करसोला क्षेत्र पशुपालन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है।
पशुपालक आधुनिक तकनीक को अपनाकर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं
वर्जन
पशुओं के स्वास्थ्य और बेहतर नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को नियमित रूप से तकनीकी सलाह और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जिससे पशुपालन का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। -डाॅ दीपक, पशु रोग विशेषज्ञ।
हमने आधुनिक तरीके अपनाकर पशुओं की देखभाल शुरू की है। इससे दूध उत्पादन बढ़ा है और परिवार की आय में भी अच्छा इजाफा हुआ है। -बस्ती राम, पशुपालक
पहले पशुपालन केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित था लेकिन अब यह आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। गांव के पशुपालक जिले भर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। -मोहित लाठर युवा पशुपालक।
बाक्स
गांव के पशुपालक मेहनत और आधुनिक तकनीकों के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पशुपालन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। पंचायत भी पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं और जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। -तुषार लाठर ग्रामीण।
फोटो कैप्शन:
8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद
8 जुलाना 02: डॉ दीपक।
8 जुलाना 03: बस्तीराम शर्मा।
8 जुलाना 04: मोहित कुमार।
8 जुलाना 05: तुषार लाठर।

8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद

8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद

8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद

8 जुलाना 01: करसोला गांव का पशु अस्पताल। संवाद