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Jind News: नए मंडी नियमों व भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
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24जेएनडी13: डीसी कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर नारेबाजी करते किसान। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को शिव कॉलोनी स्थित किसान भवन से लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए डीसी कार्यालय पहुंचे थे लेकिन डीसी ज्ञापन लेने के लिए बाहर नहीं आए।
किसानों को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद ज्ञापन नहीं लिया गया इससे नाराज किसान पुराने बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और वहां बैठक कर आगामी रणनीति तय की। बैठक में सभी गांवों के भारतीय किसान यूनियन के प्रधानों व गणमान्य व्यक्तियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 27 मार्च तक डीसी का तबादला नहीं किया गया तो 31 गांवों के किसान हांसी रोड जाम करेंगे।
साथ ही पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री की प्रस्तावित विकास रैली का विरोध करने की चेतावनी भी दी गई। किसानों ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी। मंडी के नए नियमों पर जताई आपत्ति किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा अनाज मंडियों में लागू किए गए नए नियम व्यवहारिक नहीं हैं।
किसानों ने कहा कि कई बार किसान रात में फसल काटते हैं और मजबूरी में उसी समय मंडी पहुंचते हैं ऐसे में समय सीमा लागू करना गलत है। गेट पास को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम फसल रजिस्ट्रेशन है उसी की उपस्थिति में गेट पास काटने का नियम गलत है।
किसानों ने बताया कि अधिकांश रजिस्ट्रेशन बुजुर्गों या महिलाओं के नाम पर हैं। किसानों ने मांग की कि पहले की तरह ओटीपी के माध्यम से गेट पास जारी किए जाएं। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष बिंद्र नंबरदार और जयबीर लोहान ने किया। इस अवसर पर बलबीर, भगत सिंह, राजेंद्र पहलवान , गुरुदेव, राममेहर नंबरदार, रमेश, सतेंद्र व महाबीर शर्मा मौजूद रहे।
बाक्स
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी किया विरोध
भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का भी विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि यदि यह डील लागू होती है तो इसका सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा और उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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किसानों को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद ज्ञापन नहीं लिया गया इससे नाराज किसान पुराने बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और वहां बैठक कर आगामी रणनीति तय की। बैठक में सभी गांवों के भारतीय किसान यूनियन के प्रधानों व गणमान्य व्यक्तियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 27 मार्च तक डीसी का तबादला नहीं किया गया तो 31 गांवों के किसान हांसी रोड जाम करेंगे।
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साथ ही पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री की प्रस्तावित विकास रैली का विरोध करने की चेतावनी भी दी गई। किसानों ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी। मंडी के नए नियमों पर जताई आपत्ति किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा अनाज मंडियों में लागू किए गए नए नियम व्यवहारिक नहीं हैं।
किसानों ने कहा कि कई बार किसान रात में फसल काटते हैं और मजबूरी में उसी समय मंडी पहुंचते हैं ऐसे में समय सीमा लागू करना गलत है। गेट पास को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम फसल रजिस्ट्रेशन है उसी की उपस्थिति में गेट पास काटने का नियम गलत है।
किसानों ने बताया कि अधिकांश रजिस्ट्रेशन बुजुर्गों या महिलाओं के नाम पर हैं। किसानों ने मांग की कि पहले की तरह ओटीपी के माध्यम से गेट पास जारी किए जाएं। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष बिंद्र नंबरदार और जयबीर लोहान ने किया। इस अवसर पर बलबीर, भगत सिंह, राजेंद्र पहलवान , गुरुदेव, राममेहर नंबरदार, रमेश, सतेंद्र व महाबीर शर्मा मौजूद रहे।
बाक्स
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी किया विरोध
भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का भी विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि यदि यह डील लागू होती है तो इसका सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा और उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।