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Jind News: अटल पार्क में हिंदू सम्मेलन, हिंदुत्व को जीवन शैली बताया
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:29 AM IST
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01जेएनडी28: अटल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं। संवाद
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जींद। सफीदों रोड स्थित अटल पार्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यापार मंडल के प्रधान अनिल अग्रवाल ने शिरकत की।
इसमें अनिल अग्रवाल ने कहा कि हिंदू होना केवल एक धार्मिक पहचान नहीं बल्कि व्यापक जीवन शैली है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक कई लोग स्वयं को हिंदू कहने में संकोच करते थे, यह सोचकर कि इससे सौहार्द प्रभावित हो सकता है, लेकिन हिंदुत्व का मूल भाव सहिष्णुता और विविधता को स्वीकार करना है।
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व में विविध परंपराएं, दर्शन, योग, भक्ति, कर्म और ज्ञान के मार्ग शामिल हैं। वेद, उपनिषद और भगवद गीता जैसे ग्रंथों का इसमें महत्वपूर्ण स्थान है। पूजा-पद्धतियां क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, लेकिन मूल भाव मानव धर्म और नैतिक आचरण का है। अग्रवाल ने कहा कि उनके लिए हिंदुत्व जीवन के संस्कारों और विचारधारा का आधार है। यह दुनिया की प्राचीन परंपराओं में से एक है, जो आत्मज्ञान, सहिष्णुता और सत्य की खोज का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि हिंदू होने का अर्थ किसी एक विचारधारा में सीमित रहना नहीं, बल्कि अनेक मार्गों को स्वीकार करना है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू धर्म जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि आत्मिक उन्नति पर भी बल देता है। धर्म, कर्म, मोक्ष और पुनर्जन्म जैसे सिद्धांत व्यक्ति को जीवन की दिशा देते हैं। हर कर्म का फल अवश्य मिलता है, इसलिए अच्छे विचार और श्रेष्ठ कर्म आवश्यक हैं।
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इसमें अनिल अग्रवाल ने कहा कि हिंदू होना केवल एक धार्मिक पहचान नहीं बल्कि व्यापक जीवन शैली है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक कई लोग स्वयं को हिंदू कहने में संकोच करते थे, यह सोचकर कि इससे सौहार्द प्रभावित हो सकता है, लेकिन हिंदुत्व का मूल भाव सहिष्णुता और विविधता को स्वीकार करना है।
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उन्होंने कहा कि हिंदुत्व में विविध परंपराएं, दर्शन, योग, भक्ति, कर्म और ज्ञान के मार्ग शामिल हैं। वेद, उपनिषद और भगवद गीता जैसे ग्रंथों का इसमें महत्वपूर्ण स्थान है। पूजा-पद्धतियां क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, लेकिन मूल भाव मानव धर्म और नैतिक आचरण का है। अग्रवाल ने कहा कि उनके लिए हिंदुत्व जीवन के संस्कारों और विचारधारा का आधार है। यह दुनिया की प्राचीन परंपराओं में से एक है, जो आत्मज्ञान, सहिष्णुता और सत्य की खोज का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि हिंदू होने का अर्थ किसी एक विचारधारा में सीमित रहना नहीं, बल्कि अनेक मार्गों को स्वीकार करना है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू धर्म जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि आत्मिक उन्नति पर भी बल देता है। धर्म, कर्म, मोक्ष और पुनर्जन्म जैसे सिद्धांत व्यक्ति को जीवन की दिशा देते हैं। हर कर्म का फल अवश्य मिलता है, इसलिए अच्छे विचार और श्रेष्ठ कर्म आवश्यक हैं।