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Jind: ट्रायल के लिए भम्भेवा ले जाया गया हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन, अधिकारी हर पहलू पर रखेंगे निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:12 AM IST
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सार
रेलवे सूत्रों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य की पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण रहित है और इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसी कारण इस परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है।
हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सोनीपत रेलवे ट्रैक पर ट्रायल के लिए हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन भम्भेवा पहुंच गया है। हाइड्रोजन इंजन को एक दूसरे डीजल इंजन से जोड़कर सुरक्षित तरीके से भम्भेवा स्टेशन तक पहुंचाया गया। यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों के तहत की गई, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी परेशानी न हो।
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जानकारी के अनुसार भम्भेवा स्टेशन के आसपास अगले तीन से चार दिनों तक हाइड्रोजन ट्रेन इंजन का ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। ट्रायल के समय रेलवे की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और हर पहलू पर निगरानी रखेंगे।
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रेलवे सूत्रों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य की पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण रहित है और इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसी कारण इस परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है।
ट्रायल के दौरान आसपास के रेलवे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और स्टेशन परिसर की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने आम लोगों से भी अपील की है कि ट्रायल के समय रेलवे ट्रैक के आसपास न जाएं और नियमों का पालन करें।
सफल ट्रायल के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को नियमित संचालन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया जाएगा। उम्मीद है कि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहेगा और आने वाले समय में हाइड्रोजन ट्रेन यात्रियों के लिए एक नई और सुरक्षित सुविधा साबित होगी।