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मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान करना जरूरी : डॉ. शालिनी
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28जेएनडी17-राजकीय महाविद्यालय में हुई कार्यशाला में संबोधित करती डॉ. प्रेम पूनम। स्रोत संस्थान
- फोटो : टूंडला तहसील में एसआईआर का कार्य करते पशु चिकित्सक व अन्य संवाद
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जींद। राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को नेशनल टास्क फोर्स के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी नेशनल टास्क फोर्स सत्यवान मलिक ने की। इस दौरान कॉलेज नोडल अधिकारी नेशनल टास्क फोर्स डॉ. प्रेम पूनम भी मौजूद रहीं।
एमडीएयू के मनोविज्ञान विभाग से प्रो. डॉ. शालिनी सिंह ने युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, तनाव से निपटने की प्रभावी रणनीतियां, आत्म-देखभाल, सकारात्मक जीवन शैली और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान, योग और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य सत्यवान मलिक ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एक सामाजिक आवश्यकता बन चुकी है। शैक्षणिक संस्थानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएं।
डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं खुलकर साझा करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर डीईओ रितु पंघाल, राजकीय महिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयनारायण गहलोत, राजकीय आईटीआई के प्राचार्य नरेश पंचाल, पहला कदम फाउंडेशन जींद के संस्थापक राजेश वशिष्ठ, उपप्राचार्य रणधीर सिंह, डॉ. विशाल रेढू, डॉ. ज्योति लडवाल, नीतू, रितु, पूनम, कमलेश, नूतन, सुनीता, सोनू सिहाग, लेफ्टिनेंट पंकज बत्रा, मनोज चहल, डॉ. संदीप मौजूद रहे।
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कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी नेशनल टास्क फोर्स सत्यवान मलिक ने की। इस दौरान कॉलेज नोडल अधिकारी नेशनल टास्क फोर्स डॉ. प्रेम पूनम भी मौजूद रहीं।
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एमडीएयू के मनोविज्ञान विभाग से प्रो. डॉ. शालिनी सिंह ने युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, तनाव से निपटने की प्रभावी रणनीतियां, आत्म-देखभाल, सकारात्मक जीवन शैली और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान, योग और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य सत्यवान मलिक ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एक सामाजिक आवश्यकता बन चुकी है। शैक्षणिक संस्थानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएं।
डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं खुलकर साझा करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर डीईओ रितु पंघाल, राजकीय महिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयनारायण गहलोत, राजकीय आईटीआई के प्राचार्य नरेश पंचाल, पहला कदम फाउंडेशन जींद के संस्थापक राजेश वशिष्ठ, उपप्राचार्य रणधीर सिंह, डॉ. विशाल रेढू, डॉ. ज्योति लडवाल, नीतू, रितु, पूनम, कमलेश, नूतन, सुनीता, सोनू सिहाग, लेफ्टिनेंट पंकज बत्रा, मनोज चहल, डॉ. संदीप मौजूद रहे।