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Jind News: हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल आज, जींद से सोनीपत के बीच दौड़ेगी
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जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का बहुप्रतीक्षित रनिंग ट्रायल बुधवार सुबह साढ़े सात बजे किया जाएगा। ट्रायल जींद से सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच होगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। इससे पहले 22 फरवरी को ट्रायल की योजना बनाई गई थी लेकिन तकनीकी खामियों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब इसका दोबारा शेड्यूल जारी किया गया है।
रनिंग ट्रायल के दौरान वजन संतुलन और तकनीकी परीक्षण के उद्देश्य से एक डिब्बे में 30 से 35 पानी के कैन रखे गए हैं जिनमें प्रत्येक की क्षमता 10 से 15 लीटर है। ट्रायल से पूर्व मंगलवार को ट्रेन को हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड में खड़ा कर विस्तृत जांच की गई ।
लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम पिछले कई दिनों से ट्रेन परिचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई थी। यह देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन है, जो एक जनवरी को दिल्ली से जींद जंक्शन पहुंची थी। पिछले लगभग दो महीनों से प्लांट परिसर में इसकी तकनीकी जांच और विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किए जा रहे थे। इससे पूर्व 29 जनवरी को भंभेवा स्टेशन पर हाइड्रोजन इंजन का छह दिनों तक विशेष ट्रायल किया गया था। उस दौरान जींद जंक्शन से डीजल इंजन की सहायता से हाइड्रोजन इंजन को भंभेवा लाया गया था। परीक्षण के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी दक्षता और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। तीन फरवरी को सभी परीक्षणों के बाद इंजन को वापस जींद लाया गया।
बाक्स
ट्रायल सफल रहा तो होली तक मिल सकती है हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात
लगभग दो महीने की तैयारी और जांच के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का अब वास्तविक रनिंग ट्रायल होने जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो संभावना जताई जा रही है कि होली तक यात्रियों को इस अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन की सौगात मिल सकती है। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम पिछले कई दिनों से ट्रेन परिचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई थी। यह देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन है, जो एक जनवरी को दिल्ली से जींद जंक्शन पहुंची थी। पिछले लगभग दो महीनों से प्लांट परिसर में इसकी तकनीकी जांच और विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किए जा रहे थे। इससे पूर्व 29 जनवरी को भंभेवा स्टेशन पर हाइड्रोजन इंजन का छह दिनों तक विशेष ट्रायल किया गया था। उस दौरान जींद जंक्शन से डीजल इंजन की सहायता से हाइड्रोजन इंजन को भंभेवा लाया गया था। परीक्षण के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी दक्षता और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। तीन फरवरी को सभी परीक्षणों के बाद इंजन को वापस जींद लाया गया।
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ट्रायल सफल रहा तो होली तक मिल सकती है हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात
लगभग दो महीने की तैयारी और जांच के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का अब वास्तविक रनिंग ट्रायल होने जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो संभावना जताई जा रही है कि होली तक यात्रियों को इस अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन की सौगात मिल सकती है। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।