{"_id":"6a3ad1a2b2e62219720907c1","slug":"inspired-the-students-of-government-iti-to-think-positively-jind-news-c-199-1-sroh1009-155575-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: राजकीय आईटीआई के विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: राजकीय आईटीआई के विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया
विज्ञापन
23जेएनडी18 : कैंप में विद्यार्थियों को जागरूक करते शिक्षक। स्रोत संस्थान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जींद। राजकीय आईटीआई में मंगवार को मोटिवेशन कैंप में विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करके विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, अनुशासन, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना रहा।
मुख्य वक्ता लीड बैंक के प्रबंधक अनुपम ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, समय प्रबंधन, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा के बल पर नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य, अनुशासन, दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल को लगातार निखारने, तकनीकी शिक्षा का अधिकतम लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. गौरव ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल तकनीकी ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, प्रभावी संचार कौशल तथा आत्मविश्वास भी सफलता की मजबूत नींव हैं।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार, सोच और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी। रोजगार कार्यालय से आए अधिकारी ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस अवसर पर सोहन राम, ललित खटकड़, मनदीप राज, जितेंद्र पूनिया, सोमवीर श्योकंद मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता लीड बैंक के प्रबंधक अनुपम ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, समय प्रबंधन, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा के बल पर नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य, अनुशासन, दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल को लगातार निखारने, तकनीकी शिक्षा का अधिकतम लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. गौरव ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल तकनीकी ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, प्रभावी संचार कौशल तथा आत्मविश्वास भी सफलता की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार, सोच और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी। रोजगार कार्यालय से आए अधिकारी ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस अवसर पर सोहन राम, ललित खटकड़, मनदीप राज, जितेंद्र पूनिया, सोमवीर श्योकंद मौजूद रहे।