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Jind News: सुपवा के छात्रों का नाटक मंचन कल, छात्रों ने रिहर्सल किया
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रोहतक। दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) के मिनी ऑडिटोरियम में पांच फरवरी को नाटककार व लेखक मोहन राकेश की जन्म शताब्दी मनाई जाएगी। उनके लिखित बहुचर्चित नाटक आधे-अधूरे का दृश्य मंचन, सीन वर्क डीएलसी सुपवा के छात्रों की ओर से किया जाएगा। अभिनय विभाग के छात्रों ने मंगलवार को मिनी ऑडिटोरियम में रिहर्सल किया।
डीएलसी सुपवा के फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के एफसी महेश टीपी ने बताया कि नाटक आधे-अधूरे की परिकल्पना और निर्देशन प्रोफेसर विभांशु वैभव कर रहे हैं। महेंद्र नाथ की भूमिका में प्रिंस, जगमोहन की भूमिका में पुष्कर व सावित्री की भूमिका भारती निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि नाटक आधे-अधूरे स्त्री-पुरुष के संबंधों में आई विषमताओं को दर्शाता है। हमारी महत्वाकांक्षाएं ही हमारे जीवन को आधा-अधूरा साबित करती हैं। घर को घर बनाए रखने के चक्कर में किस तरह हम अपने अस्तित्व को खो देते हैं और परिवार बिखर जाता है। यही सभी आधे-अधूरे में देखने को मिलेगा।
डीएलसी सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि मिनी ऑडिटोरियम में सेट तैयार किया गया है। प्रतिभागी छात्रों व दर्शकों को मंचन संजीव महसूस हो और इसे लंबे समय तक याद रखें इसलिए यूनिवर्सिटी ने कहानी की मांग के अनुसार विशेष तौर पर सेट बनवाया है।
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डीएलसी सुपवा के फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के एफसी महेश टीपी ने बताया कि नाटक आधे-अधूरे की परिकल्पना और निर्देशन प्रोफेसर विभांशु वैभव कर रहे हैं। महेंद्र नाथ की भूमिका में प्रिंस, जगमोहन की भूमिका में पुष्कर व सावित्री की भूमिका भारती निभा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि नाटक आधे-अधूरे स्त्री-पुरुष के संबंधों में आई विषमताओं को दर्शाता है। हमारी महत्वाकांक्षाएं ही हमारे जीवन को आधा-अधूरा साबित करती हैं। घर को घर बनाए रखने के चक्कर में किस तरह हम अपने अस्तित्व को खो देते हैं और परिवार बिखर जाता है। यही सभी आधे-अधूरे में देखने को मिलेगा।
डीएलसी सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि मिनी ऑडिटोरियम में सेट तैयार किया गया है। प्रतिभागी छात्रों व दर्शकों को मंचन संजीव महसूस हो और इसे लंबे समय तक याद रखें इसलिए यूनिवर्सिटी ने कहानी की मांग के अनुसार विशेष तौर पर सेट बनवाया है।
