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सूर्य नमस्कार के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है : सुनीता
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:19 AM IST
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जींद। सूर्य नमस्कार अभियान के तहत बाल विकास सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय हाई स्कूल में योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें न केवल छात्र-छात्राओं बल्कि शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने भी भाग लिया। योग को जीवन का आधार बनाने का संकल्प लिया।
योग सहायक सुनीता ने विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाया। महत्व और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार बारह आसनों का क्रमबद्ध अभ्यास है जिसके नियमित अभ्यास से मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन आता है।
सूर्य नमस्कार से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, कब्ज, गैस और मोटापे जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। रक्त संचार बेहतर होता है। इसके साथ ही यह हृदय को स्वस्थ रखने, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार ऐसा एकमात्र योग अभ्यास है जिससे लगभग सभी योगासनों के लाभ एक साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
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सूर्य नमस्कार से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, कब्ज, गैस और मोटापे जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। रक्त संचार बेहतर होता है। इसके साथ ही यह हृदय को स्वस्थ रखने, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार ऐसा एकमात्र योग अभ्यास है जिससे लगभग सभी योगासनों के लाभ एक साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
