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Kaithal News: 34,706 पीएनजी कनेक्शन चालू, 981 ने छोड़ा एलपीजी सिलिंडर
Mon, 03 Aug 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी कैथल। जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब तक जिले में 34,706 पीएनजी कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से कई कनेक्शनों पर जल्द ही गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। पिछले दो माह के दौरान 981 उपभोक्ताओं ने एलपीजी सिलिंडर का उपयोग पूरी तरह बंद कर पीएनजी को अपनाया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में 13,595 सक्रिय पीएनजी उपभोक्ता पाइपलाइन के माध्यम से गैस का उपयोग कर रहे हैं। इसी वर्ष मई में यह संख्या करीब 12,645 थी, यानी दो माह में लगभग 950 नए सक्रिय उपभोक्ता जुड़े हैं।
जिले में विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों की 20 एलपीजी गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।
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पीएनजी के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में एलपीजी उपभोक्ता अभी भी पीएनजी कनेक्शन लेने से कतरा रहे हैं। कई लोग सुरक्षा संबंधी आशंकाओं, पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर संकोच या वर्षों से एलपीजी उपयोग की आदत के कारण बदलाव नहीं करना चाहते।
एलपीजी की तुलना में पीएनजी अधिक सुरक्षित और किफायती है। हवा से हल्की होने के कारण रिसाव की स्थिति में यह तेजी से वातावरण में फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। गैस एजेंसियों की ओर से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए नोटिस दिए जाने के बावजूद कई उपभोक्ता अभी भी सिलिंडर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
एलपीजी-पीएनजी मंे अंतर
एलपीजी से तात्पर्य लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस से है। इस गैस को सिलेंडर में भरा जाता है। इसको स्टोर किया जा सकता है। दूसरी ओर पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है। एलपीजी को बुक करना और बदलना पड़ता है। वहीं पीएनजी की लगातार सप्लाई होती है। इस कारण पीएनजी को ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन-ब्यूटेन का मिश्रण है जबकि पीएनजी मुख्य रूप से मीथेन गैस है।
एलपीजी-पीएनजी मंे अंतर
एलपीजी से तात्पर्य लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस से है। इस गैस को सिलेंडर में भरा जाता है। इसको स्टोर किया जा सकता है। दूसरी ओर पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है। एलपीजी को बुक करना और बदलना पड़ता है। वहीं पीएनजी की लगातार सप्लाई होती है। इस कारण पीएनजी को ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन-ब्यूटेन का मिश्रण है जबकि पीएनजी मुख्य रूप से मीथेन गैस है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में 13,595 सक्रिय पीएनजी उपभोक्ता पाइपलाइन के माध्यम से गैस का उपयोग कर रहे हैं। इसी वर्ष मई में यह संख्या करीब 12,645 थी, यानी दो माह में लगभग 950 नए सक्रिय उपभोक्ता जुड़े हैं।
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जिले में विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों की 20 एलपीजी गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।
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पीएनजी के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में एलपीजी उपभोक्ता अभी भी पीएनजी कनेक्शन लेने से कतरा रहे हैं। कई लोग सुरक्षा संबंधी आशंकाओं, पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर संकोच या वर्षों से एलपीजी उपयोग की आदत के कारण बदलाव नहीं करना चाहते।
एलपीजी की तुलना में पीएनजी अधिक सुरक्षित और किफायती है। हवा से हल्की होने के कारण रिसाव की स्थिति में यह तेजी से वातावरण में फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। गैस एजेंसियों की ओर से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए नोटिस दिए जाने के बावजूद कई उपभोक्ता अभी भी सिलिंडर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
एलपीजी-पीएनजी मंे अंतर
एलपीजी से तात्पर्य लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस से है। इस गैस को सिलेंडर में भरा जाता है। इसको स्टोर किया जा सकता है। दूसरी ओर पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है। एलपीजी को बुक करना और बदलना पड़ता है। वहीं पीएनजी की लगातार सप्लाई होती है। इस कारण पीएनजी को ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन-ब्यूटेन का मिश्रण है जबकि पीएनजी मुख्य रूप से मीथेन गैस है।
एलपीजी-पीएनजी मंे अंतर
एलपीजी से तात्पर्य लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस से है। इस गैस को सिलेंडर में भरा जाता है। इसको स्टोर किया जा सकता है। दूसरी ओर पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है। एलपीजी को बुक करना और बदलना पड़ता है। वहीं पीएनजी की लगातार सप्लाई होती है। इस कारण पीएनजी को ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन-ब्यूटेन का मिश्रण है जबकि पीएनजी मुख्य रूप से मीथेन गैस है।