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Kaithal News: आसमान से बरसा अमृत गेहूं की फसल को फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गेहूं सीजन की वीरवार को हुई पहली बारिश गेहूं की फसल के लिए अमृत के समान मानी जा रही है। सब्जियों की फसल में भी इस बारिश को लाभदायक बताया जा रहा है। किसानों ने बताया कि बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल में फुटाव कम हो रहा था, जिससे वे चिंतित थे। अब यह बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी और बेहतर फुटाव से बंपर उत्पादन की उम्मीद जगी है।
आमतौर पर दिसंबर में बारिश हो जाने से फसल में पीलापन नहीं आता और लागत के अनुरूप अच्छी पैदावार मिलती है। पिछले एक महीने से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे और नहरों व ट्यूबवेल से सिंचाई कर फसल को बचाने का प्रयास कर रहे थे।
बारिश से सब्जी उत्पादकों को भी राहत मिली है। इस समय किसान शिमला मिर्च, हरी मिर्च, बंद गोभी, फूल गोभी और मटर की फसल लगाए हुए हैं। बारिश न होने से सब्जियों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब नमी मिलने से पैदावार में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि आगे भी मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो फसलों की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में अच्छी आवक से उन्हें उचित दाम मिलने की उम्मीद रहेगी।
बारिश से सड़कों पर जलभराव, हुई परेशानी
बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया। नालों की सफाई न होने से पानी की निकासी में दिक्कत आई। छात्रावास रोड, अंबाला रोड, ढांड रोड और करनाल रोड पर कई स्थानों पर पानी जमा रहा।
हालांकि नगरपरिषद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी करवाई। निचली कॉलोनियों में कीचड़ जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। फिसलन के कारण कुछ वाहन चालक गिरे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
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कैथल। गेहूं सीजन की वीरवार को हुई पहली बारिश गेहूं की फसल के लिए अमृत के समान मानी जा रही है। सब्जियों की फसल में भी इस बारिश को लाभदायक बताया जा रहा है। किसानों ने बताया कि बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल में फुटाव कम हो रहा था, जिससे वे चिंतित थे। अब यह बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी और बेहतर फुटाव से बंपर उत्पादन की उम्मीद जगी है।
आमतौर पर दिसंबर में बारिश हो जाने से फसल में पीलापन नहीं आता और लागत के अनुरूप अच्छी पैदावार मिलती है। पिछले एक महीने से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे और नहरों व ट्यूबवेल से सिंचाई कर फसल को बचाने का प्रयास कर रहे थे।
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बारिश से सब्जी उत्पादकों को भी राहत मिली है। इस समय किसान शिमला मिर्च, हरी मिर्च, बंद गोभी, फूल गोभी और मटर की फसल लगाए हुए हैं। बारिश न होने से सब्जियों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब नमी मिलने से पैदावार में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि आगे भी मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो फसलों की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में अच्छी आवक से उन्हें उचित दाम मिलने की उम्मीद रहेगी।
बारिश से सड़कों पर जलभराव, हुई परेशानी
बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया। नालों की सफाई न होने से पानी की निकासी में दिक्कत आई। छात्रावास रोड, अंबाला रोड, ढांड रोड और करनाल रोड पर कई स्थानों पर पानी जमा रहा।
हालांकि नगरपरिषद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी करवाई। निचली कॉलोनियों में कीचड़ जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। फिसलन के कारण कुछ वाहन चालक गिरे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।