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Kaithal News: आशा वर्करों का जेल भरो आंदोलन 10 को
Sun, 09 Aug 2026 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:25 AM IST
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कैथल। आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के आह्वान पर जिले की आशा वर्कर 10 अगस्त को जिला मुख्यालय पर जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर होने वाले इस आंदोलन में आशा वर्कर अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताएंगी।
यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जड़ौला और सचिव कविता राणा ने बताया कि आशा वर्कर लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार की ओर से मांगों के समाधान का कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कई मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन की प्रमुख मांगों में आशा वर्करों को पक्का कर्मचारी घोषित करना, न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना, परिवार सहित आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाना शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2023 के आंदोलन के दौरान काटी गई प्रोत्साहन राशि जारी करने की भी मांग की जा रही है। अप्रैल 2025 से आशा वर्करों के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी। इसे भी जल्द लागू करने की मांग है।
आशा वर्करों पर काम का अतिरिक्त दबाव कम करने और विभागीय कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी यूनियन ने उठाई है। जिला प्रधान व सचिव ने बताया कि 21 जुलाई को पंचकूला में हुए प्रदर्शन के दौरान 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 28 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभागीय अधिकारियों के साथ यूनियन प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार सरकार को पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ है। 10 अगस्त को बड़ी संख्या में आशा वर्कर जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगी और जेल भरो आंदोलन में भाग लेंगी। उन्होंने जिले की सभी आशा वर्करों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने और अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। संवाद
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यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जड़ौला और सचिव कविता राणा ने बताया कि आशा वर्कर लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार की ओर से मांगों के समाधान का कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कई मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन की प्रमुख मांगों में आशा वर्करों को पक्का कर्मचारी घोषित करना, न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना, परिवार सहित आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाना शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2023 के आंदोलन के दौरान काटी गई प्रोत्साहन राशि जारी करने की भी मांग की जा रही है। अप्रैल 2025 से आशा वर्करों के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी। इसे भी जल्द लागू करने की मांग है।
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आशा वर्करों पर काम का अतिरिक्त दबाव कम करने और विभागीय कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी यूनियन ने उठाई है। जिला प्रधान व सचिव ने बताया कि 21 जुलाई को पंचकूला में हुए प्रदर्शन के दौरान 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 28 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभागीय अधिकारियों के साथ यूनियन प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार सरकार को पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ है। 10 अगस्त को बड़ी संख्या में आशा वर्कर जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगी और जेल भरो आंदोलन में भाग लेंगी। उन्होंने जिले की सभी आशा वर्करों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने और अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। संवाद
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