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मूल्य शिक्षा बच्चों को बेहतर जीवन जीने की कला सिखाती है : सुमित मेहता
Sun, 09 Aug 2026 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:12 AM IST
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ढाड। ढांड। आर्य पब्लिक स्कूल चंदलाना में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सौजन्य से मूल्य शिक्षा विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिलेभर के 60 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को मूल्य आधारित शिक्षा से जोड़ना तथा विद्यार्थियों में नैतिक व सामाजिक मूल्यों का विकास करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ स्कूल की प्राचार्या निर्मल दहिया तथा सीबीएसई के विशेषज्ञ सुमित मेहता और प्रवीण कौशिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दोनों विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में विभिन्न मूल्यों को शामिल करने की तकनीकें बताईं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास भी आवश्यक है। प्राचार्या निर्मल दहिया ने कहा कि मूल्य शिक्षा केवल एक विषय नहीं है। यह जीवन जीने की कला है। यह विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक अपने व्यवहार और शिक्षण पद्धति से बच्चों के व्यक्तित्व एवं भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।
नैतिक मूल्यों का महत्व
विशेषज्ञ प्रवीण कौशिक ने कहा कि मूल्य शिक्षा से विद्यार्थियों में लचीलापन, सहानुभूति और सामूहिक कार्य जैसे जीवन कौशल विकसित होते हैं। आत्म-अनुशासन भी इसी का हिस्सा है। ये गुण मजबूत चरित्र की नींव रखते हैं। यह विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने तथा समाज और देश में सकारात्मक योगदान देने के लिए सक्षम बनाता है। संवाद
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कार्यशाला का शुभारंभ स्कूल की प्राचार्या निर्मल दहिया तथा सीबीएसई के विशेषज्ञ सुमित मेहता और प्रवीण कौशिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दोनों विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में विभिन्न मूल्यों को शामिल करने की तकनीकें बताईं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास भी आवश्यक है। प्राचार्या निर्मल दहिया ने कहा कि मूल्य शिक्षा केवल एक विषय नहीं है। यह जीवन जीने की कला है। यह विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक अपने व्यवहार और शिक्षण पद्धति से बच्चों के व्यक्तित्व एवं भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।
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नैतिक मूल्यों का महत्व
विशेषज्ञ प्रवीण कौशिक ने कहा कि मूल्य शिक्षा से विद्यार्थियों में लचीलापन, सहानुभूति और सामूहिक कार्य जैसे जीवन कौशल विकसित होते हैं। आत्म-अनुशासन भी इसी का हिस्सा है। ये गुण मजबूत चरित्र की नींव रखते हैं। यह विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने तथा समाज और देश में सकारात्मक योगदान देने के लिए सक्षम बनाता है। संवाद
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