Haryana: किसान की बेटी मानसी ने प्रदेश में पाया तीसरा स्थान, डॉक्टर बनने का है सपना; 500 में से 497 अंक आए
मानसी केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि घर के कामों में भी अपनी मां का हाथ बंटाती हैं। पूरे साल के दौरान उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। वह रोजाना घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के साथ-साथ हर दिन कम से कम 3 घंटे सेल्फ-स्टडी के लिए जरूर निकालती थीं।
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कैथल के गांव देबन के एक साधारण किसान परिवार की बेटी मानसी ने 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में पूरे प्रदेश में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल कर अपने माता-पिता और जिले का नाम रोशन किया है। मानसी ने कुल 500 अंकों में से 497 अंक प्राप्त किए। मानसी ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से पूरी तरह दूरी बना ली थी।
परीक्षा के दिनों में वह रोजाना करीब 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। कठिन विषयों को समझने के लिए उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन में विशेष टाइम-टेबल तैयार किया था। मानसी केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि घर के कामों में भी अपनी मां का हाथ बंटाती हैं। पूरे साल के दौरान उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। वह रोजाना घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के साथ-साथ हर दिन कम से कम 3 घंटे सेल्फ-स्टडी के लिए जरूर निकालती थीं।
टिप्स
- कड़ा अनुशासन और पढ़ाई के प्रति समर्पण
- जितना हो सके सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें
- समय प्रबंधन करना सबसे जरूरी
- सेल्फ स्टडी पर दें जोर
- जीवन में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक
लक्ष्य : डॉक्टर बन सेवा करने का सपना
अपनी सफलता से उत्साहित मानसी ने अपने भविष्य के लक्ष्य को भी स्पष्ट कर दिया है। वह आगे चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। मानसी का सपना एक बेहतरीन डॉक्टर बनकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्र के लोगों की सेवा करना है। मानसी की इस उपलब्धि पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।